
हीरा गोल्ड पोंजी स्कैम: शरिया कानून के नाम पर 6000 करोड़ की ठगी करने वाली नौहेरा शेख गुरुग्राम से गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद थी फरार
हैदराबाद/गुरुग्राम (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):
6,000 करोड़ रुपये से अधिक के 'हीरा गोल्ड पोंजी स्कीम घोटाले' (Heera Gold Ponzi Scam) में जांच एजेंसियों को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। इस पूरे महाघोटाले की मास्टरमाइंड और हैदराबाद की रहने वाली नौहेरा शेख (Nowhera Shaikh) को आखिरकार पुलिस और सुरक्षाबलों ने गुरुग्राम के एक वीआईपी होटल से गिरफ्तार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने और कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद से ही वह लगातार फरार चल रही थीं।
शरिया कानून की आड़ में बुना ठगी का जाल:
नौहेरा शेख 'हीरा गोल्ड एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड' की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। साल 2010 में शुरू हुई इस कंपनी ने खुद को पूरी तरह से 'इस्लामिक बिजनेस' और 'शरिया कानूनों के अनुकूल' बताया था। चूंकि पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था में 'ब्याज' (Interest) के लेन-देन को वर्जित माना जाता है, नौहेरा ने इसी बात का फायदा उठाया। उन्होंने निवेशकों से वादा किया कि उनका पैसा सोने के कारोबार, टेक्सटाइल और फूड बिजनेस में लगाया जाएगा, जहां से होने वाले मुनाफे को बिना ब्याज के, शुद्ध प्रॉफिट के रूप में सालाना 36% तक बांटा जाएगा।
इस आकर्षक और धार्मिक आड़ वाले झांसे में आकर देश-विदेश के 1.72 लाख से अधिक निवेशकों ने अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई इस स्कीम में लगा दी। शुरुआत में नए इनवेस्टर्स के पैसों से पुराने लोगों को मुनाफा बांटा गया, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो गया।
ED की एंट्री और सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश:
साल 2018 के मध्य में जब कंपनी ने मुनाफे की रकम देना अचानक बंद कर दिया, तब देशभर में शिकायतों की बाढ़ आ गई। अक्टूबर 2018 में पहली बार हैदराबाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। मामले की गंभीरता और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के इनपुट्स को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस केस को अपने हाथ में लिया और नौहेरा की सैकड़ों करोड़ की संपत्तियां जब्त करना शुरू कर दिया।
जनवरी 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने नौहेरा शेख को इस शर्त पर अंतरिम जमानत दी थी कि वह निवेशकों का पैसा लौटाने में सहयोग करेंगी। लेकिन लगातार असहयोग और कोर्ट को गुमराह करने की कोशिशों के बाद, अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी और उन्हें एक हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण (Surrender) करने का अल्टीमेटम दिया था।
चकमा देकर चल रही थीं फरार:
अदालत के आदेश के बाद भी नौहेरा शेख ने सरेंडर नहीं किया और भेष बदलकर जांच एजेंसियों को चकमा दे रही थीं। पुलिस के मुताबिक, वह पिछले एक महीने से दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में छिप रही थीं, जिन्हें आखिरकार तकनीकी सर्विलांस की मदद से गुरुग्राम के होटल से दबोच लिया गया। अब तक इस घोटाले में करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं और पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।


