
IAS दुर्गा शक्ति नागपाल पर जज को फोन कर दबाव बनाने का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
नमस्कार दोस्तों,
उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल की कमिश्नर IAS दुर्गा शक्ति नागपाल पर गोंडा की सिविल जज शबीना खान को फोन कर कथित तौर पर दबाव बनाने का आरोप लगा है। मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है।
जज की शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान नागपाल ने उनके संस्कारों और व्यवहार पर सवाल उठाए तथा हाईकोर्ट में शिकायत करने की बात कही।
गोंडा की सिविल जज शबीना खान ने आरोप लगाया कि IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने उन्हें फोन किया और एक न्यायिक मामले को लेकर कथित तौर पर दबाव बनाने की कोशिश की।
जज के अनुसार, बातचीत के दौरान उनके व्यक्तिगत संस्कारों पर भी टिप्पणी की गई और हाईकोर्ट में शिकायत करने की चेतावनी दी गई।
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने पहुंचने के बाद अदालत ने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप से जुड़ा गंभीर विषय माना।
हाईकोर्ट ने मामले को क्रिमिनल कॉन्टेंप्ट की कार्यवाही के लिए रेफर किया है।
क्रिमिनल कॉन्टेंप्ट यानी आपराधिक अवमानना उन परिस्थितियों से जुड़ी होती है, जहां किसी व्यक्ति के कृत्य से अदालत की गरिमा, न्यायिक प्रक्रिया या न्याय प्रशासन प्रभावित होने का सवाल उठता है।
इस मामले में हाईकोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए मामला रेफर किया है।
अब मामले में संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपों और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच होगी। किसी भी पक्ष की अंतिम जिम्मेदारी या दोष कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।
IAS दुर्गा शक्ति नागपाल पर सिविल जज को फोन कर दबाव बनाने का आरोप।
गोंडा की सिविल जज शबीना खान ने शिकायत में आरोप लगाए।
जज के अनुसार उनके संस्कारों पर भी सवाल उठाए गए।
हाईकोर्ट में शिकायत करने की धमकी देने का भी आरोप।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर माना।
मामला क्रिमिनल कॉन्टेंप्ट की कार्यवाही के लिए रेफर किया गया।
मामले में अंतिम जिम्मेदारी कानूनी प्रक्रिया के बाद तय होगी।
जवाब: गोंडा की सिविल जज शबीना खान ने उन पर फोन के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
जवाब: जज के अनुसार, बातचीत में उनके संस्कारों पर सवाल उठाए गए और हाईकोर्ट में शिकायत करने की बात कही गई।
जवाब: हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए इसे क्रिमिनल कॉन्टेंप्ट की कार्यवाही के लिए रेफर किया है।
⚠︎ Disclaimer:
यह समाचार न्यायिक रिकॉर्ड और सामने आए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि और संबंधित पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।


