
व्हाइट हाउस के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग: सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को किया ढेर, सुरक्षित हैं राष्ट्रपति ट्रंप
वाशिंगटन (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):
दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों में शुमार 'व्हाइट हाउस' (White House) के बाहर हुई भारी गोलीबारी की घटना ने पूरे अमेरिका में सनसनी फैला दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास के बाहर एक संदिग्ध हमलावर ने ड्यूटी पर तैनात यूएस सीक्रेट सर्विस (US Secret Service) के अधिकारियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सुरक्षाबलों की तुरंत और सटीक जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस खौफनाक घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही थे और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
क्या है पूरा मामला?
यूएस सीक्रेट सर्विस के कम्युनिकेशन ऑफिस के मुताबिक, यह घटना शनिवार शाम (भारतीय समयानुसार 24 मई की सुबह) 17th स्ट्रीट और पेन्सिलवेनिया एवेन्यू NW के पास एक सुरक्षा चेकपॉइंट पर हुई। एक संदिग्ध शख्स ने अचानक अपने बैग से बंदूक निकाली और अधिकारियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
सीक्रेट सर्विस पुलिस ने बिना कोई देरी किए जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुर्भाग्य से, इस क्रॉस-फायरिंग की चपेट में आकर वहां से गुजर रहा एक आम नागरिक (राहगीर) भी घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है।
हमलावर को लेकर चौंकाने वाला खुलासा:
अमेरिकी मीडिया और न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए शूटर की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट (Nasire Best) के रूप में हुई है, जो मैरीलैंड का रहने वाला था। सूत्रों का कहना है कि हमलावर मानसिक रूप से अस्थिर था और खुद को 'ईसा मसीह' (Jesus Christ) मानता था। वह पहले भी व्हाइट हाउस के पास इस तरह की संदिग्ध हरकतें कर चुका था।
जान बचाकर भागे पत्रकार:
इस खौफनाक घटना के वक्त व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन में कई पत्रकार अपनी रूटीन रिपोर्टिंग कर रहे थे। एबीसी न्यूज़ (ABC News) की संवाददाता सेलिना वांग (Selina Wang) उस वक्त अपने फोन से एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं, तभी बैकग्राउंड में दर्जनों गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। सेलिना ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर बताया कि गोलियों की आवाज सुनते ही सुरक्षाबलों ने सभी पत्रकारों को भागकर 'प्रेस ब्रीफिंग रूम' में छिपने का निर्देश दिया।
एफबीआई (FBI) ने शुरू की जांच:
घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया और व्हाइट हाउस में लॉकडाउन लगा दिया गया था (जिसे बाद में हटा लिया गया)। अमेरिका की शीर्ष जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के चीफ काश पटेल (Kash Patel) ने पुष्टि की है कि एफबीआई की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर इस पूरे हमले की गहराई से जांच कर रही है।


