Morning News Delivery
Morning Prayers and Tea
GENERAL | 2026-05-27
केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर ED की बड़ी छापेमारी, बेटी की IT कंपनी से जुड़ा है मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर ED की बड़ी छापेमारी, बेटी की IT कंपनी से जुड़ा है मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

तिरुवनंतपुरम (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):

केरल की राजनीति में बुधवार (27 मई 2026) की सुबह एक बड़ा भूचाल लेकर आई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच करते हुए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कम्युनिस्ट नेता पिनाराई विजयन के घर पर धावा बोल दिया। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व सीएम के तिरुवनंतपुरम और कन्नूर स्थित आवासों के साथ-साथ राज्य भर में कुल 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

क्या है पूरा विवाद और बेटी की भूमिका?

यह पूरा मामला पिनाराई विजयन की बेटी टी वीणा और उनकी आईटी फर्म 'एक्सालॉजिक सोल्यूशन्स' (Exalogic Solutions) से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वीणा की इस आईटी कंपनी ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) नाम की एक प्राइवेट माइनिंग कंपनी से 2017 से 2020 के बीच करीब 1.72 करोड़ रुपये की भारी रकम ली थी। सबसे बड़ा आरोप यह है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बदले में एक्सालॉजिक ने CMRL को कोई भी आईटी सर्विस (IT Service) नहीं दी थी।

हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद हुआ एक्शन

ईडी की यह रेड अचानक नहीं हुई है। इससे ठीक एक दिन पहले ही केरल उच्च न्यायालय (High Court) ने इस मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया था। CMRL के कुछ अधिकारियों ने कोर्ट में याचिका दायर करके ईडी की जांच को रोकने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के शुरुआती सबूत नज़र आ रहे हैं। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के कुछ ही घंटों बाद ईडी ने यह बड़ी कार्रवाई कर दी।

जांच में और कौन-कौन है शामिल?

इस कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच सिर्फ ईडी ही नहीं कर रही है। इससे पहले सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने भी इस मामले की करीब दो साल तक गहरी जांच की थी। SFIO की रिपोर्ट के आधार पर ही कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने टी वीणा और CMRL के कई आला अधिकारियों के खिलाफ कंपनी अधिनियम के तहत कानूनी मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो इसमें शामिल लोगों को भारी जुर्माना और लंबी जेल की सजा दोनों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, इस छापेमारी के बाद से ही केरल में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है और विपक्षी दल इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR