
खराब मौसम ने रोका शुभेंदु अधिकारी का हेलिकॉप्टर, सिलीगुड़ी लौटा
नमस्कार दोस्तों,
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का हेलिकॉप्टर मंगलवार को खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण कालिम्पोंग में लैंड नहीं कर सका। हेलिकॉप्टर कुछ समय तक पहाड़ी इलाके के ऊपर चक्कर लगाता रहा, लेकिन मौसम में सुधार नहीं होने पर उसे वापस सिलीगुड़ी लौटना पड़ा।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कालिम्पोंग के पहाड़ी क्षेत्र में दृश्यता काफी कम थी। ऐसे हालात में हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतारना संभव नहीं था, इसलिए पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वापस लौटने का फैसला किया।
शुभेंदु अधिकारी को कालिम्पोंग में एक कार्यक्रम में शामिल होना था, जहां पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ वितरित किया जाना था। खराब मौसम के कारण अब उनके इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होने की संभावना है।
हेलिकॉप्टर के सिलीगुड़ी लौटने के बाद मुख्यमंत्री के उत्तर कन्या में निर्धारित प्रशासनिक कार्यक्रम जारी रहने की जानकारी दी गई है। इस बैठक में पहाड़ी इलाकों में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों और प्रशासन की प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की जानी है।
यह पहली बार नहीं है जब खराब मौसम के कारण शुभेंदु अधिकारी की हेलिकॉप्टर यात्रा प्रभावित हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले 11 अगस्त को भी खराब मौसम के कारण उनके हेलिकॉप्टर को पूर्व मेदिनीपुर के कोलाघाट में आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी।
शुभेंदु अधिकारी का हेलिकॉप्टर कालिम्पोंग में लैंड नहीं कर सका।
खराब मौसम और कम दृश्यता बनी मुख्य वजह।
हेलिकॉप्टर कुछ समय तक आसमान में चक्कर लगाता रहा।
इसके बाद हेलिकॉप्टर सिलीगुड़ी लौट आया।
कालिम्पोंग के कार्यक्रम में अधिकारी वर्चुअली शामिल हो सकते हैं।
उत्तर कन्या में प्रशासनिक बैठक जारी रहेगी।
जवाब: कालिम्पोंग के पहाड़ी इलाके में खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं हो सकी।
जवाब: हेलिकॉप्टर वापस सिलीगुड़ी लौट आया।
जवाब: उन्हें सरकारी कल्याण योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होना था और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ वितरित करना था।
जवाब: रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम को पूरी तरह रद्द करने के बजाय शुभेंदु अधिकारी के वर्चुअल माध्यम से जुड़ने की संभावना है।
⚠︎ Disclaimer:
यह खबर 8 सितंबर 2026 को उपलब्ध सरकारी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मौसम और प्रशासनिक कार्यक्रमों से जुड़ी परिस्थितियां बदल सकती हैं।


