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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-06-13
अमेरिकी कार्रवाई में 3 भारतीय नाविकों की मौत; जयशंकर ने जताई कड़ी आपत्ति

अमेरिकी कार्रवाई में 3 भारतीय नाविकों की मौत; जयशंकर ने जताई कड़ी आपत्ति

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

भारत और अमेरिका के मजबूत कूटनीतिक रिश्तों के बीच एक बेहद तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। खाड़ी (Gulf of Oman) के इलाके में अमेरिकी नौसेना (US Navy) द्वारा एक कमर्शियल तेल टैंकर पर की गई सैन्य कार्रवाई में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। इस दुखद घटना पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सीधे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) से बात कर भारत की कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

आइए जानते हैं कि खाड़ी के समुद्र में असल में क्या हुआ था और भारत सरकार ने इस पर क्या आधिकारिक कदम उठाए हैं:

अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई और हादसा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह घटना ओमान के तट के पास की है। ओमान की खाड़ी में 'MT Settebello' नाम के एक कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किया गया।

अमेरिका का आरोप: अमेरिकी सेना का दावा है कि इस जहाज ने ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों (Blockade) का उल्लंघन किया था और बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जहाज नहीं रुका, जिसके बाद उसके इंजन रूम पर फायर किया गया।

भारतीय नाविकों की मौत: इस जहाज पर कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य से 3 भारतीय नाविकों की इस कार्रवाई में मौत हो गई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कड़ा संदेश

इस घटना के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार रात को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर सीधी बात की और सोशल मीडिया हैंडल (X) पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए लिखा:

"आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने पर भारत के कड़े विरोध को दोहराया। वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Shipping) के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाइयां किसी भी तरह से उचित नहीं हैं।"

भारत ने अमेरिकी राजनयिक को भी किया तलब

इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (Charge d'Affaires) जेसन मीक्स को समन जारी कर तलब किया और दो दिनों में दूसरी बार अपना कड़ा राजनयिक विरोध (Strong Diplomatic Protest) दर्ज कराया। भारत ने अमेरिका से साफ कहा है कि नागरिक जहाजों पर इस तरह की घातक ताकत का इस्तेमाल पूरी तरह से अस्वीकार्य है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए अमेरिका को सख्त कदम उठाने चाहिए।

जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
सवाल 1: अमेरिकी नौसेना के इस हमले में किन भारतीय नाविकों की जान गई है?

जवाब: इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनला सुरेश के रूप में हुई है।

सवाल 2: अमेरिका ने इस कमर्शियल जहाज को निशाना क्यों बनाया?

जवाब: अमेरिकी सेना का आरोप था कि यह विदेशी ध्वज वाला जहाज (MT Settebello) उनके द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था।

सवाल 3: भारत सरकार ने इस घटना पर क्या एक्शन लिया है?

जवाब: भारत सरकार ने दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया है, साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर इस घातक कार्रवाई को पूरी तरह अनुचित बताया है।

Short Disclaimer: यह समाचार लेख विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक बयानों, विदेश मंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की प्रमाणित रिपोर्ट्स पर आधारित है। हमारा उद्देश्य केवल इस गंभीर कूटनीतिक घटनाक्रम की तथ्यात्मक जानकारी निष्पक्ष रूप से पाठकों तक पहुँचाना है।
WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR