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TECHNOLOGY (टेक्नोलॉजी) | 2026-09-27
नशे में मिला एअर इंडिया का पायलट, ज्यूरिख में उतारा गया: दिल्ली की फ्लाइट उड़ाने वाला था; प्री-फ्लाइट टेस्ट में पकड़ा गया

नशे में मिला एअर इंडिया का पायलट, ज्यूरिख में उतारा गया: दिल्ली की फ्लाइट उड़ाने वाला था; प्री-फ्लाइट टेस्ट में पकड़ा गया

नमस्कार दोस्तों,

एअर इंडिया के एक फर्स्ट ऑफिसर (को-पायलट) को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर शराब के टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया। वह 6 सितंबर को ज्यूरिख से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI151 संचालित करने वाला था। एयरलाइन ने बाद में उसे सस्पेंड कर दिया।

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

रिपोर्टों के मुताबिक, ज्यूरिख एयरपोर्ट पर एअर इंडिया के चेक-इन स्टाफ को पायलट के मुंह से शराब की गंध महसूस हुई। इसके बाद एयरलाइन के कर्मचारियों ने स्थानीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। ज्यूरिख में हुए शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में शराब की मात्रा निर्धारित सीमा से ज्यादा पाई गई।

टेस्ट का नतीजा आने के बाद पायलट को तुरंत उड़ान से हटा दिया गया। उसे आगे की मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और बाद में उसी विमान से एक सामान्य यात्री के रूप में भारत वापस भेजा गया।

AI151 की उड़ान अगले दिन रवाना हुई

पायलट के हटाए जाने के बाद निर्धारित समय पर AI151 उड़ान संचालित नहीं हो सकी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वैकल्पिक क्रू की व्यवस्था के बाद विमान ने अगले दिन ज्यूरिख से दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

ज्यूरिख की घटना के बाद पायलट को एअर इंडिया ने सस्पेंड कर दिया है। अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने तक निलंबन जारी रहेगा। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

दूसरा टेस्ट और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

रिपोर्टों में बताया गया है कि शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट के बाद ज्यूरिख में आगे की मेडिकल जांच भी कराई गई। उसके अंतिम परिणाम और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे निर्णय लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल इसे प्रारंभिक टेस्ट में शराब पाए जाने का मामला कहना अधिक सटीक है।

स्विस फेडरल ऑफिस ऑफ सिविल एविएशन (FOCA) ने मामले की जानकारी भारतीय विमानन नियामक DGCA को भी दी है। FOCA के अनुसार, AI151 उस दिन निर्धारित तरीके से संचालित नहीं हो सकी।

एअर इंडिया ने जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराई

घटना के बाद एअर इंडिया ने सुरक्षा और नियामकीय नियमों के उल्लंघन को लेकर अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति दोहराई है। एयरलाइन ने पायलटों को ड्यूटी पर शराब या प्रतिबंधित पदार्थों के प्रभाव में नहीं आने और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में एअर इंडिया के एक अन्य पायलट को फुकेट-दिल्ली उड़ान से जुड़े मामले में ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद कंपनी ने सेवा से हटा दिया था। इसके बाद एयरलाइन ने कॉकपिट क्रू की अनिवार्य ड्रग टेस्टिंग और निगरानी को मजबूत करने की बात कही थी।

मुख्य बातें (Highlights)

एअर इंडिया के फर्स्ट ऑफिसर को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर शराब टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया।

वह AI151 से ज्यूरिख से दिल्ली जाने वाला था।

घटना 6 सितंबर 2026 की है।

एयरलाइन स्टाफ ने शराब की गंध महसूस होने के बाद स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी।

शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में शराब निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।

पायलट को तुरंत उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया।

उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और यात्री के रूप में भारत लौटाया गया।

पायलट को जांच पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है।

AI151 वैकल्पिक क्रू की व्यवस्था के बाद अगले दिन रवाना हुई।

स्विस विमानन अधिकारियों ने मामले की जानकारी DGCA को दी।

FAQs
सवाल 1: एअर इंडिया का पायलट कहां शराब टेस्ट में पकड़ा गया?

पायलट को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर AI151 की उड़ान से पहले ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में पकड़ा गया।

सवाल 2: वह कौन-सी फ्लाइट उड़ाने वाला था?

वह AI151, यानी ज्यूरिख से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट संचालित करने वाला था।

सवाल 3: पायलट के साथ क्या कार्रवाई हुई?

उसे तुरंत उड़ान ड्यूटी से हटाया गया, मेडिकल जांच के लिए भेजा गया और बाद में एअर इंडिया ने उसे सस्पेंड कर दिया।

सवाल 4: क्या फ्लाइट रद्द हुई थी?

रिपोर्टों के अनुसार, पायलट की अनुपलब्धता के कारण AI151 निर्धारित समय पर संचालित नहीं हो सकी और वैकल्पिक क्रू की व्यवस्था के बाद अगले दिन उड़ान भरी।

सवाल 5: क्या पायलट पर अंतिम कार्रवाई हो चुकी है?

नहीं। अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।

डिस्क्लेमर: इस खबर में पायलट के शराब सेवन से संबंधित जानकारी शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट, एयरलाइन सूत्रों और विमानन अधिकारियों से सामने आई रिपोर्टों पर आधारित है। अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने तक इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR