
आगरा कैंट विवाद: RPF कमांडेंट बोले- जांच पूरी होने के बाद ही होगी कार्रवाई
नमस्कार दोस्तों,
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) कर्मियों और डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट के बीच हुए विवाद के बाद अब आरपीएफ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (Senior DSC) राज मोहन पिचाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि किसी भी तरह की मारपीट स्वीकार्य नहीं है, लेकिन पूरे मामले को केवल वायरल वीडियो के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
12 जुलाई को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस के संचालन के दौरान आरपीएफ कर्मियों और डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट के बीच विवाद हो गया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की और संबंधित आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया।
राज मोहन पिचाई ने कहा कि मारपीट को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, उनका कहना था कि वायरल वीडियो पूरी घटना का केवल एक हिस्सा दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि उस समय आरपीएफ के जवान अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और यह भी जांच का विषय है कि विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा। उन्होंने निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कही।
रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित आरपीएफ कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है।
• आगरा कैंट स्टेशन पर RPF और रेलवे अधिकारी के बीच विवाद हुआ था।
• घटना के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
• वरिष्ठ RPF अधिकारी ने कहा कि मारपीट उचित नहीं है।
• उन्होंने वायरल वीडियो को अधूरा बताते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही।
• जांच पूरी होने तक अंतिम कार्रवाई का इंतजार किया जाएगा।
जवाब: यह घटना 12 जुलाई 2026 को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई थी।
जवाब: उन्होंने कहा कि मारपीट सही नहीं है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
जवाब: हां, जांच पूरी होने तक संबंधित RPF कर्मियों को निलंबित किया गया है।
जवाब: हां, रेलवे प्रशासन द्वारा गठित समिति मामले की जांच कर रही है।
जवाब: अधिकारियों के अनुसार, जांच में सभी उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा।
⚠︎ Disclaimer :
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित अधिकारियों के बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। मामला अभी जांच के अधीन है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।


