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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-09-28
दिल्ली गैंगरेप- आरोपियों ने घर फोन करने की धमकी दी: पीड़िता ने कहा- ‘कर दो’; FIR की जानकारी सामने आई, DU छात्राओं ने निकाला मार्च

दिल्ली गैंगरेप- आरोपियों ने घर फोन करने की धमकी दी: पीड़िता ने कहा- ‘कर दो’; FIR की जानकारी सामने आई, DU छात्राओं ने निकाला मार्च

नमस्कार दोस्तों,

दिल्ली के कालकाजी इलाके के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में FIR से घटना से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, तीन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके 17 वर्षीय दोस्त को रोका था। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

FIR के अनुसार, 21 सितंबर की शाम लड़की अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी। इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे। वहां तीन लोगों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की और कथित तौर पर खुद को पुलिसकर्मी बताया। दोनों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए।

‘घर फोन करने की धमकी दी, मैंने कहा- कर दो’

FIR में दर्ज पीड़िता के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में उसे धमकी दी कि वे उसकी मां को फोन करेंगे। लड़की ने कथित तौर पर जवाब दिया कि उसके परिवार को पता है कि वह दोस्त के साथ बाहर आई है और वे चाहें तो उसकी मां से फोन पर बात कर सकते हैं।

इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और आरोपियों ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर उसे पार्क के सुनसान हिस्से में ले गए। FIR के अनुसार, वहां उसके साथ यौन हिंसा की गई।

घटना के बाद आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन लौटाए और किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पार्क से बाहर निकलने के बाद लड़की ने अपने दोस्त को घटना की जानकारी दी और उसने PCR को फोन किया।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने मामले में आसिफ, हेमंत और मुकेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज और तकनीकी जानकारी के साथ पीड़िता और उसके दोस्त द्वारा दिए गए हुलिए से आरोपियों की पहचान में मदद मिली। पुलिस ने मामले में BNS की संबंधित धाराओं के साथ POCSO Act की धाराएं भी लगाई हैं।

DU छात्राओं ने निकाला मार्च

घटना के विरोध में दिल्ली यूनिवर्सिटी की करीब 200 छात्राओं ने 25 सितंबर को मार्च निकाला। मार्च में लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, मिरांडा हाउस और कमला नेहरू कॉलेज समेत कई संस्थानों की छात्राएं शामिल हुईं।

प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस गश्त मजबूत करने की मांग उठाई।

पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

घटना के बाद आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पार्क में कुछ हिस्सों में रोशनी कम होने और सुनसान क्षेत्रों की मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई गई है। पुलिस ने घटना के बाद इलाके में गश्त और सुरक्षा जागरूकता गतिविधियां बढ़ाई हैं।

मुख्य बातें (Highlights)

दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से कथित गैंगरेप का मामला।

FIR के अनुसार, तीनों आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था।

आरोपियों ने पीड़िता और उसके दोस्त के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए।

पीड़िता के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने घर फोन करने की धमकी दी थी।

पीड़िता ने कथित तौर पर कहा कि परिवार को उसके बाहर जाने की जानकारी है और वे फोन कर सकते हैं।

मामले में आसिफ, हेमंत और मुकेश गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस ने POCSO Act समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

घटना के विरोध में DU की छात्राओं ने मार्च निकाला।

छात्राओं ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की।

FAQs
सवाल 1: घटना कहां हुई थी?

घटना दिल्ली के कालकाजी इलाके स्थित आस्था कुंज पार्क में हुई थी।

सवाल 2: पीड़िता की उम्र कितनी है?

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पीड़िता 17 वर्षीय नाबालिग है।

सवाल 3: कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

पुलिस ने तीन आरोपियों—आसिफ, हेमंत और मुकेश—को गिरफ्तार किया है।

सवाल 4: FIR में घर फोन करने की क्या जानकारी है?

FIR के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़िता को उसकी मां को फोन करने की धमकी दी थी। पीड़िता ने कथित तौर पर कहा कि उसके परिवार को उसके बाहर जाने की जानकारी है और वे फोन कर सकते हैं।

सवाल 5: DU छात्राओं ने प्रदर्शन क्यों किया?

छात्राओं ने घटना के विरोध में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, पुलिस गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर मार्च निकाला।

डिस्क्लेमर: इस खबर में यौन अपराध से जुड़े आरोपों का विवरण FIR, पुलिस जांच और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी जानबूझकर शामिल नहीं की गई है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR