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GENERAL | 2026-05-28
E20 फ्यूल से आधी पुरानी गाड़ियों का माइलेज गिरा, पेट्रोल पंपों के लिए सरकार ला रही नया नियम

E20 फ्यूल से आधी पुरानी गाड़ियों का माइलेज गिरा, पेट्रोल पंपों के लिए सरकार ला रही नया नियम

नई दिल्ली (द इंडियन न्यूज़पेपर ब्यूरो):

अगर आपने अपनी कार या बाइक साल 2023 से पहले खरीदी है और आपको लग रहा है कि आपकी गाड़ी का माइलेज अचानक कम हो गया है, तो इसकी वजह नया E20 फ्यूल (पेट्रोल) हो सकता है। हाल ही में लोकल सर्कल्स (LocalCircles) द्वारा किए गए एक बड़े सर्वे में यह बात सामने आई है कि 2023 से पहले खरीदे गए पेट्रोल वाहनों में से 50 फीसदी से ज्यादा गाड़ियों का माइलेज E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गिर गया है।

सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा: इंजन और माइलेज पर असर

लोकल सर्कल्स ने देश के 301 जिलों में 50 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों के बीच यह सर्वे किया। सर्वे में शामिल 50 फीसदी यूजर्स ने बताया कि पिछले 9 महीनों में उन्होंने अपनी गाड़ी के माइलेज में भारी गिरावट महसूस की है। वहीं, 29 फीसदी यूजर्स का कहना है कि उनकी गाड़ियों में टूट-फूट और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। वाहन मालिकों ने शिकायत की है कि पुराने मॉडल्स में इंजन का जल्दी गर्म होना, कोल्ड स्टार्ट में दिक्कत, अत्यधिक वाइब्रेशन और ऐक्सेलरैशन (पिकअप) में कमी जैसी समस्याएं आ रही हैं।

क्यों आ रही है पुरानी गाड़ियों में दिक्कत?

विशेषज्ञों के मुताबिक, 2023 से पहले बनी ज्यादातर गाड़ियां E5 या E10 (5 से 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण) फ्यूल के हिसाब से डिजाइन की गई थीं। E20 पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल होता है। इथेनॉल नमी को बहुत जल्दी सोखता है और इसमें ऊर्जा की मात्रा पारंपरिक पेट्रोल से कम होती है। अधिक इथेनॉल का मिश्रण पुराने वाहनों के इंजन, रबर और प्लास्टिक पार्ट्स को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रहा है, जिसके लिए वे डिजाइन ही नहीं किए गए थे।

वाहन मालिकों के लिए क्या है राहत की खबर?

देश में BIS ने अब E22, E25, E27 और E30 फ्यूल के लिए भी नए मानक जारी कर दिए हैं। ऐसे में पुरानी गाड़ियों के मालिकों की परेशानी और बढ़ सकती थी, लेकिन सरकार अब ग्राहकों को एक बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार जल्द ही पेट्रोलियम कंपनियों को पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग फ्यूल ग्रेड के हिसाब से नोजल (Nozzle) लगाने का आदेश दे सकती है। इसका मतलब है कि पेट्रोल पंपों पर E10, E20, E25 आदि के लिए अलग-अलग मशीनें या नोजल होंगे। इससे ग्राहक अपनी गाड़ी के इंजन की क्षमता और मैन्युफैक्चरिंग साल के हिसाब से सही पेट्रोल चुन सकेंगे, जिससे उनके वाहनों का इंजन सुरक्षित रहेगा और माइलेज भी बरकरार रहेगा।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR