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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-09-28
जमुई कांड- ‘बेटी देर से घर आई तो खुद को कमरे में बंद कर लिया’: मां बोलीं- अभी भी आंखों में दहशत, बाहर निकलने से डरती है

जमुई कांड- ‘बेटी देर से घर आई तो खुद को कमरे में बंद कर लिया’: मां बोलीं- अभी भी आंखों में दहशत, बाहर निकलने से डरती है

नमस्कार दोस्तों,

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले के बाद उसके परिवार ने बेटी की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है। परिवार के मुताबिक, घटना के बाद छात्रा काफी डरी हुई है और सामान्य तरीके से बाहर निकलने में भी झिझक रही है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

घटना 19 सितंबर 2026 की शाम जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके की बताई गई है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक नाबालिग छात्र और छात्रा को कुछ युवकों ने रास्ते में रोका था। आरोप है कि उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की।

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद छात्रा के परिवार ने उसकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है। परिवार का कहना है कि बेटी पहले की तुलना में ज्यादा डरी हुई है और घर से बाहर निकलने में भी संकोच करती है।

‘बेटी देर से आई तो खुद को कमरे में बंद कर लिया’

पीड़िता की मां के मुताबिक, घटना के बाद बेटी के व्यवहार में बदलाव दिखाई दिया। मां ने बताया कि जब बेटी देर से घर पहुंची तो उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। परिवार के अनुसार, उसकी आंखों में अब भी घटना को लेकर डर दिखाई देता है और वह बाहर जाने से घबराती है।

हालांकि, पीड़िता की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। नाबालिग पीड़ितों की पहचान की कानूनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके नाम, फोटो और अन्य पहचान योग्य विवरण साझा करना उचित नहीं है।

पुलिस ने SIT बनाई, आरोपियों पर कार्रवाई

मामले की जांच के लिए पुलिस ने SDPO के नेतृत्व में SIT गठित की है। पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में POCSO Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज

मामले में पीड़िता का बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने गोपनीय तरीके से दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान BNSS की संबंधित प्रक्रिया के तहत बंद कमरे में दर्ज किया गया। मेडिकल जांच से जुड़ी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।

वीडियो वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई

पुलिस ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो और पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा किए जाने के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार, करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। लोगों से अपील की गई है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला कोई वीडियो, फोटो या जानकारी साझा न करें।

मुख्य बातें (Highlights)

जमुई में 19 सितंबर को नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया।

घटना के बाद छात्रा के परिवार ने उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई।

मां के मुताबिक, बेटी अब भी डरी हुई है और बाहर निकलने से घबराती है।

पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है।

तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है।

पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने गोपनीय तरीके से दर्ज किया गया।

मामले में POCSO Act और BNS की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।

FAQs
सवाल 1: जमुई में घटना कब हुई थी?

रिपोर्टों के अनुसार, घटना 19 सितंबर 2026 की शाम मड़वा पहाड़ इलाके में हुई थी।

सवाल 2: घटना के बाद छात्रा की स्थिति कैसी है?

परिवार के अनुसार, छात्रा घटना के बाद डरी हुई है और बाहर निकलने में झिझक रही है।

सवाल 3: क्या पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है?

हां। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की है और तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

सवाल 4: क्या पीड़िता का बयान दर्ज हुआ है?

हां। उसका बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने गोपनीय तरीके से दर्ज किया गया है।

सवाल 5: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर क्या कार्रवाई हुई?

पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा करने वाले सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में पीड़िता की मानसिक स्थिति और परिवार के बयान से जुड़ी जानकारी मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दी गई है। नाबालिग की पहचान की सुरक्षा के लिए नाम, फोटो और अन्य पहचान योग्य विवरण शामिल नहीं किए गए हैं। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR