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GENERAL | 2026-06-01
नेपाल के पीएम बालेन शाह का बड़ा दावा: "नेपाल ने भी भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा किया", संसद में मचा बवाल

नेपाल के पीएम बालेन शाह का बड़ा दावा: "नेपाल ने भी भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा किया", संसद में मचा बवाल

दिल्ली (द इंडियन न्यूज़पेपर ब्यूरो):

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक हालिया बयान ने उनके ही देश में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। 31 मई को संसद में अपना पहला भाषण देते हुए उन्होंने भारत-नेपाल बॉर्डर से जुड़ा एक ऐसा दावा किया, जिसे सुनकर सब हैरान रह गए। बालेन शाह ने कहा कि केवल भारत ने ही नेपाल की ज़मीन नहीं ली है, बल्कि नेपाल के कब्ज़े में भी भारत के कई इलाके हैं।

संसद में सवालों का दिया जवाब

मार्च 2026 में नेपाल की सत्ता संभालने के बाद पीएम शाह पहली बार सदन में सांसदों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान एक सदस्य ने बॉर्डर विवाद पर सवाल पूछा था। पीएम ने जवाब में कहा कि दोनों देशों को पुराने सबूतों और तथ्यों की जांच करनी चाहिए और अच्छे दोस्तों की तरह मिल-बैठकर इस मामले को सुलझाना चाहिए।

चीन और ब्रिटेन का भी किया जिक्र

लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा के पुराने विवाद पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा ब्रिटिश काल से चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार इस मामले में भारत और चीन के अलावा ब्रिटेन से भी संपर्क में है। इस विवाद का पक्का हल निकालने के लिए इतिहास की जानकारी रखने वालों और ज़मीन का सर्वे करने वाले एक्सपर्ट्स की एक साझा टीम बनाई जाएगी।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस बयान के सामने आते ही नेपाल की संसद में भारी हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी नेताओं ने इसे देश के खिलाफ बताकर जमकर विरोध किया और प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण मांगा। विपक्ष का कहना था कि ऐसे बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और इन्हें तुरंत संसद के रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय को देनी पड़ी सफाई

मामले को बिगड़ता देख उसी शाम नेपाली विदेश मंत्रालय को डैमेज कंट्रोल के लिए आना पड़ा। मंत्रालय ने सफाई में कहा कि पीएम का असल मतलब 'नो मैन्स लैंड' (बॉर्डर की खाली जगह) को लेकर था। मंत्रालय के अनुसार, यह बहुत संभव है कि बॉर्डर पर कुछ भारतीय ज़मीन नेपाल के पास हो और नेपाल की कुछ ज़मीन भारत के पास हो। उन्होंने यह भी साफ किया कि दोनों देश आपस में बातचीत के जरिए इस मुद्दे का हल निकाल रहे हैं।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):
प्रश्न 1: नेपाल के पीएम बालेन शाह ने संसद में क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने संसद में बयान दिया कि सिर्फ भारत ने नहीं, बल्कि नेपाल ने भी भारत की कुछ ज़मीन पर कब्ज़ा कर रखा है।

प्रश्न 2: प्रधानमंत्री के इस बयान का नेपाल में क्या असर हुआ?

उत्तर: बयान के तुरंत बाद नेपाल में भारी बवाल हुआ और विपक्षी पार्टियों ने पीएम की आलोचना करते हुए उनसे माफी की मांग की।

प्रश्न 3: भारत और नेपाल के बीच किन इलाकों पर विवाद है?

उत्तर: मुख्य रूप से लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी के इलाकों को लेकर दोनों देशों के बीच पुराना विवाद है।

प्रश्न 4: नेपाल सरकार इस विवाद का क्या समाधान निकाल रही है?

उत्तर: नेपाल सरकार का कहना है कि वह इतिहासकारों और बॉर्डर एक्सपर्ट्स की एक टीम बनाएगी, जो आपसी बातचीत से इसका हल खोजेगी।

प्रश्न 5: बवाल के बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

उत्तर: विदेश मंत्रालय ने सफाई दी कि प्रधानमंत्री का बयान 'नो मैन्स लैंड' के संदर्भ में था और दोनों देश इस मामले को शांति से सुलझा रहे हैं।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह जानकारी विभिन्न न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरनेट पर मौजूद तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। इस लेख का मुख्य उद्देश्य आप तक एकदम सरल भाषा में सही जानकारी पहुंचाना है।
WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR