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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-09-29
गुवाहाटी के होमस्टे में छात्रा की संदिग्ध मौत: बॉयफ्रेंड के साथ रुकी थी, आधी रात मां को फोन कर बोली- ‘ये मुझे मार डालेंगे’

गुवाहाटी के होमस्टे में छात्रा की संदिग्ध मौत: बॉयफ्रेंड के साथ रुकी थी, आधी रात मां को फोन कर बोली- ‘ये मुझे मार डालेंगे’

नमस्कार दोस्तों,

गुवाहाटी में गौहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया की होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह एक पुरुष मित्र के साथ होमस्टे में रुकी थी। घटना के बाद पुलिस ने उसके 26 वर्षीय दोस्त आशिक अली को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, निमिषा शुक्रवार रात अपने घर से निकलकर गुवाहाटी के धारापुर-गरल इलाके स्थित एक होमस्टे में गई थी। वह वहां अपने पुरुष मित्र के साथ रुकी थी। देर रात उसने अपनी मां को फोन किया और कथित तौर पर बताया कि उसके साथ मारपीट की गई है। इसके बाद फोन कट गया और मोबाइल बंद हो गया।

परिवार ने फोन कटने के बाद अज़ारा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तलाश शुरू की और बाद में निमिषा को अचेत अवस्था में पाया गया। उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर गौहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

‘मां, ये मुझे मार डालेंगे’—फोन कॉल का दावा

परिवार के एक परिचित के अनुसार, निमिषा ने रात करीब 2 बजे अपनी मां को फोन किया था। दावा है कि वह काफी परेशान थी और उसने कहा, “मां, ये मुझे मार डालेंगे।” इसके बाद कॉल अचानक कट गई। इस दावे की पुलिस जांच कर रही है।

कुछ रिपोर्टों में परिवार की ओर से यह भी बताया गया है कि फोन के दौरान पीछे कुछ पुरुषों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। हालांकि, इन परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बॉयफ्रेंड ने बताया- छात्रा ने आत्महत्या की

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए आशिक अली ने दावा किया है कि निमिषा ने खुदकुशी की थी। पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ होमस्टे से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटानी शुरू की है।

पुलिस ने छात्रा का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम और अन्य जांच से मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल मौत का कारण आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है।

होमस्टे कर्मचारियों से भी पूछताछ

जांच के दौरान पुलिस होमस्टे के मालिक, केयरटेकर और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रात के दौरान कमरे में क्या हुआ और छात्रा किस परिस्थिति में अचेत हुई।

घटना के बाद प्रदर्शन भी हुआ

घटना के बाद होमस्टे के आसपास प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए और सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जांच जारी रखने की बात कही।

मुख्य बातें (Highlights)

गौहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया की मौत।

छात्रा की मौत गुवाहाटी के एक होमस्टे में हुई।

वह एक पुरुष मित्र के साथ वहां रुकी थी।

परिवार के अनुसार, उसने रात में मां को फोन कर मदद की बात कही थी।

फोन कटने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।

पुलिस ने उसके 26 वर्षीय दोस्त आशिक अली को हिरासत में लिया है।

आरोपी ने छात्रा की मौत को आत्महत्या बताया है।

पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और जांच जारी है।

FAQs
सवाल 1: मृत छात्रा की पहचान क्या है?

मृत छात्रा की पहचान 22 वर्षीय निमिषा ठाकुरिया के रूप में हुई है, जो गौहाटी यूनिवर्सिटी की छात्रा थी।

सवाल 2: छात्रा किसके साथ होमस्टे में रुकी थी?

रिपोर्टों के अनुसार वह अपने पुरुष मित्र आशिक अली के साथ होमस्टे में रुकी थी।

सवाल 3: क्या पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है?

पुलिस ने आशिक अली को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है और मामले में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

सवाल 4: छात्रा की मौत कैसे हुई?

फिलहाल मौत का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

सवाल 5: क्या छात्रा ने मौत से पहले मां को फोन किया था?

परिवार की ओर से ऐसा दावा किया गया है। बताया गया कि उसने रात में मां को फोन कर खतरे की बात कही थी। इस कॉल और उससे जुड़ी परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में मौत की परिस्थितियों से जुड़े आरोप और दावे संबंधित परिवार, पुलिस जांच तथा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दिए गए हैं। मामले की अंतिम सच्चाई पोस्टमॉर्टम, फॉरेंसिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR