
अभिषेक बनर्जी पर हमले में 5 गिरफ्तार, ममता बोलीं- 'हेलमेट ना होता तो जान जाती'
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बवाल देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर दौरे के दौरान जानलेवा हमला हुआ है। इस घटना के बाद बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 स्थानीय लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना की मुख्य बातें।
हमला कब और कैसे हुआ: शनिवार, 30 मई को अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने सोनारपुर गए थे। वहाँ उन पर अचानक अंडे और पत्थर फेंके गए और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए। हालात बिगड़ने पर उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।
ममता बनर्जी के गंभीर आरोप: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमले के कारण अभिषेक के शरीर में खून के थक्के (Blood Clots) जम गए हैं। उन्होंने दावा किया, "अगर अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता, तो मौके पर ही उनकी जान जा सकती थी।"
अस्पताल पर दबाव डालने का दावा: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नेताओं और एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों पर दबाव डाला कि वे अभिषेक को जल्दी डिस्चार्ज कर दें, जबकि उनकी हालत गंभीर थी और उन्हें इंटेंसिव थेरेपी यूनिट (ITU) में रखा गया था।
घर पर चल रहा है इलाज: अभिषेक बनर्जी को अब अस्पताल से घर भेज दिया गया है। उनका घर अब एक मिनी-अस्पताल में बदल दिया गया है, जहाँ ऑक्सीजन सिलेंडर और मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं। फैमिली डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं।
विपक्ष के नेताओं का मिला साथ: इस घटना के बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव और कपिल सिब्बल जैसे बड़े नेताओं ने फोन कर अभिषेक बनर्जी का हाल जाना। राहुल गांधी ने ज़रूरत पड़ने पर उन्हें इलाज के लिए हैदराबाद शिफ्ट करने की मदद की भी पेशकश की है।


