
दिल्ली में कबाड़ के बीच मिला कंकाल जैसा ढांचा, स्कूल से आया था बॉक्स; पुलिस जांच में जुटी
नमस्कार दोस्तों,
सेंट्रल दिल्ली में शनिवार को सफाई अभियान के दौरान कबाड़ के बीच एक कंकाल जैसी वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया। यह ढांचा एक बॉक्स में मिला था और सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला कि यह बॉक्स एक स्क्रैप डीलर को एक स्कूल से मिला था। कबाड़ कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उसने करीब एक महीने पहले स्कूल से कबाड़ खरीदा था और उसी के साथ यह बॉक्स भी आया था।
पुलिस अब स्कूल प्रशासन और कबाड़ कारोबारी से जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बॉक्स में मौजूद ढांचा स्कूल से कब और किस प्रक्रिया के तहत बाहर आया।
फिलहाल पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि बरामद वस्तु वास्तविक मानव कंकाल है। शुरुआती जांच में इसके शैक्षणिक इस्तेमाल वाले मॉडल या डमी होने की संभावना भी सामने आई है। पुलिस तथ्यों की पुष्टि कर रही है।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, विशेषज्ञों की शुरुआती जांच में इसे कृत्रिम हड्डियों से बना शैक्षणिक मॉडल बताया गया है। हालांकि, मामले की आधिकारिक जांच और सत्यापन जारी है।
यह मामला सेंट्रल दिल्ली के मिंटो रोड स्थित काली माता मंदिर परिसर के आसपास सामने आया। सफाई अभियान के दौरान कबाड़ की छंटाई करते समय यह वस्तु दिखाई दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस का फोकस फिलहाल दो बातों पर है—पहला, बरामद वस्तु वास्तव में क्या है और दूसरा, वह स्कूल से कबाड़ कारोबारी तक कैसे पहुंची। इसके लिए संबंधित स्कूल प्रशासन और स्क्रैप डीलर से पूछताछ की जा रही है।
घटना सेंट्रल दिल्ली के मिंटो रोड इलाके की है।
सफाई अभियान के दौरान कबाड़ में कंकाल जैसा ढांचा मिला।
ढांचा एक बॉक्स के अंदर मिला था।
पुलिस के मुताबिक, बॉक्स एक स्कूल से कबाड़ कारोबारी तक पहुंचा था।
अभी यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि ढांचा मानव कंकाल है।
शैक्षणिक मॉडल या डमी होने की संभावना भी जांच में सामने आई है।
पुलिस स्कूल प्रशासन और कबाड़ कारोबारी से पूछताछ कर रही है।
यह सेंट्रल दिल्ली के मिंटो रोड स्थित काली माता मंदिर परिसर के आसपास सफाई अभियान के दौरान कबाड़ में मिला।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, कबाड़ कारोबारी को यह बॉक्स एक स्कूल से मिले कबाड़ के साथ प्राप्त हुआ था।
अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाला कृत्रिम कंकाल मॉडल तो नहीं है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और कबाड़ कारोबारी तथा संबंधित स्कूल प्रशासन से जानकारी जुटाई जा रही है।
यह रिपोर्ट 26 सितंबर 2026 को उपलब्ध पुलिस जानकारी और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। बरामद वस्तु की प्रकृति को लेकर जांच जारी है, इसलिए इसे फिलहाल निश्चित रूप से मानव कंकाल बताना उचित नहीं होगा।


