
IIT दिल्ली: ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों का आरोप, होस्टल और मदद नहीं मिली
नमस्कार दोस्तों,
IIT दिल्ली के MSc Physics छात्र ऋषिकेश कुमार (31) की 22 अगस्त को कैंपस के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है।
ऋषिकेश की मौत के बाद उनके परिवार और कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उन्हें पर्याप्त हॉस्टल और सहायता नहीं मिली। छात्रों ने संस्थान की व्यवस्था और प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया।
घटना के बाद छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन कर मामले की स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग की। छात्रों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए संस्थान का सपोर्ट सिस्टम और बेहतर होना चाहिए।
मामले की जांच के लिए IIT दिल्ली ने एक बाहरी जांच समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता पूर्व जज मुक्ता गुप्ता कर रही हैं। समिति संस्थान की ओर से उपलब्ध कराई गई सहायता और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेगी।
संस्थान का कहना है कि ऋषिकेश को काउंसलिंग और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। IIT दिल्ली ने बाहरी जांच समिति के जरिए पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है।
पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की जांच कर रही है। जांच में घटना से जुड़े लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
IIT दिल्ली के MSc Physics छात्र ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त को मौत।
घटना लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद हुई।
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है।
परिवार और छात्रों ने पर्याप्त सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाया।
छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन कर स्वतंत्र जांच की मांग की।
IIT दिल्ली ने पूर्व जज मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में बाहरी जांच समिति बनाई।
संस्थान का कहना है कि छात्र को काउंसलिंग और इलाज उपलब्ध कराया गया था।
जवाब: ऋषिकेश कुमार IIT दिल्ली में MSc Physics के 31 वर्षीय छात्र थे।
जवाब: 22 अगस्त को कैंपस के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई।
जवाब: उपलब्ध जानकारी के अनुसार कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
जवाब: संस्थान ने मामले की जांच के लिए पूर्व जज मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में बाहरी जांच समिति गठित की है।
जवाब: हां, पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
⚠︎ Disclaimer:
यह समाचार उपलब्ध जानकारी, छात्रों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों तथा IIT दिल्ली के पक्ष पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए।


