
कर्मचारियों की छंटनी पड़ी भारी: पैसा बचाने के चक्कर में 'एसेंचर' को चुकाने पड़े 16,000 करोड़ रुपये
द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, कई बड़ी आईटी (IT) कंपनियों ने अपने खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों की भारी छंटनी (Layoffs) की है। दुनिया की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक एसेंचर (Accenture) ने भी कुछ ऐसा ही किया, लेकिन उसका यह फैसला कंपनी पर ही भारी पड़ गया।
एसेंचर ने हजारों करोड़ रुपये बचाने के लिए कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, लेकिन इसके बदले में कंपनी को इतना भारी जुर्माना (Severance Cost) चुकाना पड़ा, जो उनकी बचत से भी कहीं ज्यादा है।
बचाने थे 8,900 करोड़, खर्च हो गए 16,000 करोड़
एसेंचर ने जब हजारों कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया था, तो उनका अनुमान था कि इससे कंपनी को लगभग $1 बिलियन (करीब 8,900 करोड़ रुपये) की बचत होगी।
क्या है असलियत: अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में कर्मचारियों को अचानक निकालने पर कड़े नियम हैं। कंपनियों को हर्जाने (Severance Pay) के रूप में 3 से 6 महीने की सैलरी, मेडिकल भत्ते और बोनस देना पड़ता है।
कितना हुआ खर्च: इस भारी भरकम हर्जाने के कारण, पिछले कुछ समय में एसेंचर का छंटनी का कुल खर्च (Restructuring Cost) लगभग $1.5 से $2 बिलियन (करीब 15,000 से 16,000 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। यानी "खाया पिया कुछ नहीं और गिलास तोड़ा बारा आना।"
AI वालों की हो रही नई भर्ती
एक तरफ एसेंचर पुराने कर्मचारियों को निकाल कर उन्हें भारी भरकम हर्जाना दे रही है, वहीं दूसरी तरफ वह नई भर्तियां भी कर रही है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने हजारों नए लोगों को काम पर रखा है। लेकिन ये भर्तियां उन लोगों की हो रही हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक में एक्सपर्ट हैं। कंपनी को AI से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट्स भी मिल रहे हैं।
भारतीय कंपनियों का भी यही हाल
छंटनी और कर्मचारियों की संख्या कम होने का यह दौर सिर्फ विदेशी कंपनियों तक सीमित नहीं है। भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS (Tata Consultancy Services) और इंफोसिस जैसी कंपनियों में भी पिछले कुछ समय में कर्मचारियों की कुल संख्या (Headcount) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
जवाब: पश्चिमी देशों के कड़े लेबर कानूनों के कारण, एसेंचर को निकाले गए कर्मचारियों को हर्जाने (Severance Pay) के रूप में महीनों की सैलरी और भत्ते देने पड़े, जिसका बिल हजारों करोड़ों में पहुंच गया।
जवाब: एसेंचर अब पुराने काम करने वाले कर्मचारियों की जगह मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जेनरेटिव एआई (Generative AI) में एक्सपर्ट लोगों को काम पर रख रही है।
जवाब: जब कोई कंपनी किसी कर्मचारी को बिना उसकी गलती के अचानक नौकरी से निकालती है, तो उसे आर्थिक सुरक्षा देने के लिए जो मुआवजा (सैलरी, बोनस आदि) दिया जाता है, उसे सेवरेंस पे कहते हैं।


