
दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में निकली फर्जी
नमस्कार दोस्तों,
दिल्ली विधानसभा को मंगलवार 8 सितंबर 2026 की सुबह ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और विधानसभा परिसर में तत्काल सुरक्षा जांच शुरू की गई। बाद में गहन तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और पुलिस ने धमकी को होक्स यानी फर्जी बताया।
सूत्रों के मुताबिक, धमकी भरा ईमेल दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मिला था। ईमेल में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, धमकी वाला ईमेल करीब सुबह 8:39 बजे प्राप्त हुआ। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया और विधानसभा परिसर की व्यापक तलाशी ली गई। बम निरोधक दस्ते समेत सुरक्षा टीमों ने परिसर की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या पदार्थ नहीं मिला।
इसी दिन दिल्ली के सिविक सेंटर को भी बम की धमकी वाला ईमेल मिला। वहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इस धमकी को भी फर्जी पाया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरे ईमेल किसने भेजे और उनका स्रोत क्या था। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ईमेल की जांच कर उसके स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली विधानसभा को 8 सितंबर को बम की धमकी मिली।
धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई।
धमकी करीब सुबह 8:39 बजे मिली।
सुरक्षा एजेंसियों ने विधानसभा परिसर की तलाशी ली।
कोई संदिग्ध वस्तु या पदार्थ नहीं मिला।
पुलिस ने धमकी को होक्स यानी फर्जी बताया।
ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए जांच जारी है।
जवाब: दिल्ली विधानसभा को मंगलवार 8 सितंबर 2026 की सुबह ईमेल के जरिए धमकी मिली।
जवाब: सूत्रों के अनुसार, ईमेल दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को मिला था।
जवाब: नहीं। सुरक्षा एजेंसियों की व्यापक तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या पदार्थ नहीं मिला।
जवाब: नहीं। जांच और तलाशी के बाद पुलिस ने इसे होक्स यानी फर्जी धमकी बताया।
जवाब: हां, सिविक सेंटर को भी उसी दिन बम की धमकी वाला ईमेल मिला था, जिसकी जांच के बाद वहां भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
⚠︎ Disclaimer:
यह खबर दिल्ली पुलिस और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके उद्देश्य को लेकर जांच जारी है।


