
पुणे में MPSC के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, बोले- ‘पैसे वालों को मिल रहा फायदा’
नमस्कार दोस्तों,
महाराष्ट्र के पुणे में MPSC अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। छात्र MPSC की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी हालिया ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मामले को लेकर नाराज हैं। इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है और कई लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। परीक्षा को भी रद्द किया जा चुका है।
प्रदर्शन में शामिल एक अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से तैयारी कर रहे छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और पैसे वाले लोगों को फायदा मिल रहा है। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने MPSC के शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की। एक छात्र ने राज्य FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे जैसे बेदाग छवि वाले अधिकारी को MPSC में जिम्मेदारी देने की बात कही।
छात्रों ने MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार और सचिव के इस्तीफे की भी मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने हालिया परीक्षा विवादों की उच्चस्तरीय जांच और मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।
पुणे में MPSC अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन।
छात्रों ने पेपर लीक और भर्ती में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा- ‘पैसे वालों को मिल रहा फायदा।’
MPSC में साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग।
तुकाराम मुंढे जैसे अधिकारी की नियुक्ति की मांग उठी।
MPSC अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग।
ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग।
छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
जवाब: छात्र MPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
जवाब: छात्र निष्पक्ष जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और MPSC के शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
जवाब: प्रदर्शन में एक छात्र ने मुंढे जैसे साफ छवि वाले अधिकारी को MPSC में जिम्मेदारी देने की मांग की।
⚠︎ Disclaimer:
यह समाचार प्रदर्शनकारियों के आरोपों और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। पेपर लीक, भर्ती में अनियमितता और चयन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के बाद ही मानी जानी चाहिए।


