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GENERAL | 2026-05-26
राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल: 2017 से अब तक 16वीं बार जेल से बाहर, विपक्ष ने उठाए बड़े सवाल

राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल: 2017 से अब तक 16वीं बार जेल से बाहर, विपक्ष ने उठाए बड़े सवाल

नई दिल्ली (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):

साध्वी यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। मंगलवार, 26 मई की सुबह करीब 6:30 बजे राम रहीम को 30 दिन की पैरोल पर जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम ले जाया गया, जहाँ वह अगले एक महीने तक अपनी पैरोल का समय बिताएगा।

2017 से अब तक 16वीं रिहाई (400 से ज्यादा दिन जेल से बाहर)

यह कोई पहला मौका नहीं है जब डेरा प्रमुख को जेल से बाहर आने की 'छुट्टी' मिली है। अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से राम रहीम को अब तक 16 बार पैरोल (Parole) या फर्लो (Furlough) मिल चुकी है। जेल के रिकॉर्ड के अनुसार, इन बार-बार की पैरोल को मिलाकर वह अब तक एक साल से ज्यादा (करीब 406 दिन) का समय जेल से बाहर ही गुजार चुका है। इससे पहले इसी साल जनवरी में भी उसे 40 दिन की पैरोल दी गई थी।

विपक्ष और सामाजिक संस्थाओं का कड़ा विरोध

गंभीर अपराधों में सजा काट रहे कैदी को बार-बार पैरोल मिलने पर अब राजनीतिक विवाद भी गहराने लगा है। शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि रसूखदार लोगों और प्रभावशाली बाबाओं को बार-बार जेल से बाहर भेजा जा रहा है, जिससे न्याय व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा कम हो रहा है।

कानूनी नियम क्या कहते हैं?

कानूनी जानकारों के मुताबिक, यह रिहाई हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (Temporary Release) एक्ट के तहत दी जाती है, जो पात्र कैदियों को एक साल में एक तय सीमा तक पैरोल या फर्लो लेने की अनुमति देता है।

गौरतलब है कि राम रहीम पर 2002 में एक पत्रकार और डेरा प्रबंधक की हत्या का भी आरोप था, लेकिन हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उसे उन मामलों में बरी कर दिया है। हालांकि, यौन शोषण के मामले में उसकी 20 साल की सजा बरकरार है और वह उसी के तहत जेल में है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR