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GENERAL | 2026-05-22
सूरत: मोबाइल गेम खेलने पर पिता ने लगाई डांट, आधी रात को 15 हजार रुपये लेकर घर से निकले 3 बच्चे

सूरत: मोबाइल गेम खेलने पर पिता ने लगाई डांट, आधी रात को 15 हजार रुपये लेकर घर से निकले 3 बच्चे

सूरत (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):

आजकल बच्चों में मोबाइल गेम की लत किस कदर हावी हो रही है, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण गुजरात के सूरत शहर से सामने आया है। यहां चौक बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 'सहयोग पावर लूम्स सोसाइटी' से तीन नाबालिग बच्चे देर रात अपना घर छोड़कर चले गए। बताया जा रहा है कि पिता ने उन्हें लगातार मोबाइल पर गेम खेलने को लेकर डांटा था, जिससे नाराज होकर बच्चों ने यह बड़ा कदम उठाया। घर से जाते समय बच्चे अपने साथ 15 हजार रुपये नकद भी ले गए हैं।

पिता की डांट के बाद छोड़ा घर:

मिली जानकारी के अनुसार, बच्चों के पिता कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल इंडस्ट्री) में काम करते हैं और पिछले महीने किसी काम से अपने पैतृक गांव गए हुए थे। इस दौरान वे अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गए थे। पिता की गैरमौजूदगी में 14 और 11 साल के दो बेटों और 9 साल की बेटी ने दिन-रात मोबाइल पर गेम खेलना शुरू कर दिया। जब पिता वापस लौटे, तो पत्नी ने बच्चों की इस लत की शिकायत उनसे की। नाराज पिता ने तीनों बच्चों को फटकार लगाई और मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर फोन को अलमारी में छिपा दिया।

रात के अंधेरे में निकले बच्चे:

पिता की यह डांट और पाबंदी बच्चों को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने घर छोड़ने का फैसला कर लिया। 19 मई की देर रात (करीब 1:30 से 5:30 बजे के बीच) जब माता-पिता गहरी नींद में सो रहे थे, तब तीनों बच्चे चुपचाप 15 हजार रुपये लेकर घर से निकल गए। सुबह जब परिजनों को बच्चे नहीं मिले, तो उन्होंने तुरंत चौक बाजार पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस कर रही है सघन तलाश:

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया है। चौक बाजार पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एसडी रातड़ा ने बताया, "बच्चों की तलाश के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से 5 विशेष टीमें बनाई गई हैं। अब तक खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज से यह राहत की बात सामने आई है कि तीनों बच्चे सुरक्षित और सही-सलामत हैं।"

शुरुआती पड़ताल में पुलिस को आशंका है कि बच्चे शायद मुंबई की तरफ जा सकते हैं। पुलिस की टीमें संभावित जगहों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही बच्चों को सकुशल उनके परिवार को सौंपने का प्रयास कर रही हैं।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR