
PM मोदी के बेंगलुरु दौरे में बड़ी सुरक्षा चूक: वीवीआईपी रूट के पास मिला था विस्फोटक, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
बेंगलुरु (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बेंगलुरु दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है, जिस पर पुलिस विभाग ने अब कड़ी कार्रवाई की है। 10 मई 2026 को पीएम मोदी के 'आर्ट ऑफ लिविंग' (Art of Living) इवेंट में पहुंचने से पहले उनके निर्धारित रूट के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री पाई गई थी। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बेंगलुरु दक्षिण (रामनगर) के एसपी आर. श्रीनिवास गौड़ा के आदेश पर 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित होने वालों में एक सब-इंस्पेक्टर (SI), एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और 4 कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
क्या था पूरा मामला और बॉक्स में क्या मिला?
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने से लगभग डेढ़ घंटे पहले, हाई-सिक्योरिटी पेट्रोलिंग पर मौजूद एक कॉन्स्टेबल को कुप्पारेड्डी झील के पास, मुख्य सड़क से कुछ ही दूरी पर एक संदिग्ध कार्टन बॉक्स दिखा। मेन इवेंट की लोकेशन से यह जगह करीब 3 किलोमीटर दूर थी।
सुरक्षा जांच के दौरान उस बॉक्स के अंदर दो जिलेटिन की छड़ें, बैटरी, माचिस की तीलियां, कपूर, तार और एक रियल-टाइम घड़ी (LCD डिस्प्ले) जैसी चीजें बरामद हुईं। हालांकि, फॉरेंसिक और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सेटअप अधूरा था और इससे तुरंत कोई धमाका नहीं हो सकता था, लेकिन वीवीआईपी रूट पर ऐसी चीजों का मिलना एक बेहद गंभीर सुरक्षा चूक मानी गई।
NIA और बॉम्ब स्क्वॉड की जांच जारी:
संदिग्ध बॉक्स मिलने के तुरंत बाद वहां बॉम्ब डिस्पोजल और फॉरेंसिक टीमों को बुलाकर इलाके को सुरक्षित किया गया था। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में यह सामग्री कैसे और किसने रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की एक टीम भी जांच में सहयोग कर रही है।
विपक्ष ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल:
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस चूक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, "जब देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा की बात हो, तो इतनी बड़ी लापरवाही अक्षम्य है। राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए।"
फिलहाल निलंबित किए गए सभी 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।


