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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-06-10
भारतीय सेना की बड़ी तैयारी: ₹23,000 करोड़ में खरीदेगी 300 और 'K9 वज्र' तोपें, जानें इसका पूरा गणित

भारतीय सेना की बड़ी तैयारी: ₹23,000 करोड़ में खरीदेगी 300 और 'K9 वज्र' तोपें, जानें इसका पूरा गणित

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

Photo Source Dr. Ajayshree Singh Sambyal

भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता और सरहदों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सेना ने रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (DPB) के सामने लगभग 300 नई 'K9 वज्र' (K9 Vajra) सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोपें खरीदने का एक मेगा प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी महाडील की अनुमानित लागत करीब 23,000 करोड़ रुपये होने वाली है।

आइए जानते हैं कि यह तोप भारतीय सेना के लिए गेम चेंजर क्यों है और तोपों के 'बोर और कैलिबर' का असली गणित क्या होता है:

इतिहास की सीख और तोपों का महत्व

मशहूर फ्रांसीसी सैन्य कमांडर और शासक नेपोलियन बोनापार्ट को एक मिलिट्री अफसर के तौर पर तोपों की ताकत का अच्छे से अंदाजा था। उन्होंने तोपों के महत्व को लेकर एक बहुत ही प्रसिद्ध बात कही थी:

"ईश्वर हमेशा उन फौजों के साथ होते हैं, जिनके पास सबसे बेहतरीन तोपें (Artillery) होती हैं।" - नेपोलियन बोनापार्ट

आधुनिक युद्धों में भी यह बात पूरी तरह सच साबित होती है। तोप का एक गोला न सिर्फ दुश्मन के बंकरों को तहस-नहस करता है, बल्कि युद्ध के मैदान में उसकी पूरी पोजीशन को बदलने पर मजबूर कर देता है।

सीमा पर बढ़ेगी भारत की ताकत

अगर यह ₹23,000 करोड़ की डील पक्की होती है, तो भारतीय सेना के पास कुल K9 वज्र तोपों की संख्या बढ़कर 500 से 550 के बीच हो जाएगी।

इससे पहले भारत ने 2017 में 100 तोपों का पहला ऑर्डर दिया था, जिसकी डिलीवरी 2021 तक पूरी हुई थी। इसके बाद 2024 में भी 100 और तोपों का ऑर्डर दिया गया था।

लगभग 50 किलोमीटर की अचूक रेंज वाली इन तोपों को मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान की सीमाओं के पास तैनात किया जाएगा, जहाँ से ये दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दे सकेंगी।

आसान भाषा में समझें: क्या होता है तोप का 'बोर' और 'कैलिबर'?

अक्सर जब भी तोपों की बात होती है, तो '155 mm और 52 कैलिबर' जैसे टेक्निकल शब्द सामने आते हैं। छोटी बंदूकों, पिस्तौल और राइफलों की तरह तोपों में भी इसका एक सीधा गणित होता है:

बोर (Bore): यह तोप की नली (बैरल) के ठीक सामने का व्यास (Diameter) होता है, जहाँ से गोला बाहर निकलता है। K9 वज्र का बोर 155 मिलीमीटर (mm) का होता है।

कैलिबर (Caliber): यह तोप की नली यानी बैरल की कुल लंबाई को मापने का पैमाना है। बैरल की लंबाई जानने के लिए तोप के बोर (व्यास) को कैलिबर नंबर से गुणा किया जाता है।

K9 वज्र का गणित: अगर हम K9 वज्र के 155 mm बोर को इसके 52 कैलिबर से गुणा करें (155 mm × 52), तो यह कुल 8060 mm बनता है। इसका सीधा मतलब है कि K9 वज्र तोप की नली (बैरल) लगभग 8 मीटर लंबी है। नली जितनी लंबी होती है, गोला उतनी ही दूर और सटीकता से फायर होता है।

जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
सवाल 1: भारतीय सेना कितनी नई K9 वज्र तोपें खरीदने की तैयारी कर रही है?

जवाब: भारतीय सेना लगभग 300 नई K9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोपें खरीदने की तैयारी में है, जिसका प्रस्ताव डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (DPB) के सामने रखा जा सकता है।

सवाल 2: इस रक्षा सौदे (Defense Deal) की कुल अनुमानित लागत कितनी है?

जवाब: 300 K9 वज्र तोपों की इस बड़ी डील की कुल अनुमानित लागत लगभग 23,000 करोड़ रुपये है।

सवाल 3: K9 वज्र तोप की मारक क्षमता (Range) कितनी है?

जवाब: यह एडवांस तोप लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के ठिकानों और बंकरों को पूरी तरह से तबाह करने की क्षमता रखती है।

सवाल 4: डील पूरी होने के बाद भारत के पास कुल कितनी K9 वज्र तोपें हो जाएंगी?

जवाब: यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो सेना के पास कुल K9 वज्र तोपों की संख्या बढ़कर 500 से 550 के बीच पहुंच जाएगी।

Short Disclaimer: यह न्यूज़ आर्टिकल रक्षा मंत्रालय के सूत्रों, सेना के प्रस्तावों और रक्षा क्षेत्र की रिपोर्ट्स के तथ्यों पर आधारित है। इस सरकारी सौदे की अंतिम मंजूरी और बजट के आंकड़ों में आधिकारिक बदलाव संभव हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक केवल सटीक जानकारी पहुंचाना है।
WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR