
माउंट एवरेस्ट: चोटी फतह करने के बाद लौटते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत, 'डेथ जोन' में हुआ हादसा
काठमांडू (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) पर चढ़ाई करने गए दो भारतीय पर्वतारोहियों की दर्दनाक मौत हो गई है। मरने वाले पर्वतारोहियों की पहचान अरुण कुमार तिवारी और संदीप आरे के रूप में हुई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पर्वतारोहियों ने सफलतापूर्वक एवरेस्ट की चोटी फतह कर ली थी, लेकिन नीचे उतरते समय 'डेथ जोन' के पास उनकी तबीयत बिगड़ गई।
अलग-अलग दिन किया था एवरेस्ट फतह:
नेपाल के 'एक्सपीडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन' के महासचिव ऋषि भंडारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इन दोनों पर्वतारोहियों ने एक दिन के अंतराल पर एवरेस्ट फतह किया था। संदीप आरे ने 20 मई को चोटी पर कदम रखा था, जबकि अरुण कुमार तिवारी 21 मई की शाम करीब 5:30 बजे 8,848.86 मीटर ऊंची इस चोटी पर पहुंचे थे।
शेरपा गाइड्स ने की बचाने की पूरी कोशिश:
अधिकारियों के मुताबिक, एवरेस्ट फतह करने के बाद पहाड़ से नीचे उतरते समय दोनों पर्वतारोही अत्यधिक थकान (Exhaustion) का शिकार हो गए और उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनके साथ मौजूद शेरपा गाइडों ने उनकी जान बचाने के लिए कड़ी मेहनत की। गाइड्स उन्हें रात भर 'बालकनी' से 'साउथ कोल' तक सुरक्षित लाने की कोशिश करते रहे, लेकिन बदकिस्मती से उन्हें बचाया नहीं जा सका।
डेथ जोन में उतरना होता है सबसे चुनौतीपूर्ण:
विशेषज्ञों का मानना है कि माउंट एवरेस्ट की चोटी से वापस नीचे उतरना पूरी चढ़ाई का सबसे खतरनाक और चुनौतीपूर्ण हिस्सा होता है। अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की भारी कमी और शरीर की पूरी ऊर्जा खत्म हो जाने के कारण पर्वतारोहियों के लिए एक-एक कदम उठाना भारी पड़ जाता है। अरुण तिवारी की मौत 'हिलरी स्टेप' के पास हुई, जो कि चोटी के ठीक नीचे एक बेहद कठिन हिस्सा माना जाता है।
इस साल एवरेस्ट पर चढ़ाई करने के दौरान अब तक कई पर्वतारोहियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। दोनों भारतीय नागरिकों की मौत से पर्वतारोहण समुदाय में गहरी शोक की लहर है।


