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HEALTH (स्वास्थ्य) | 2026-07-26
लंगड़ा आम (Langda Mango): हरा छिलका, मीठा गूदा – उत्तर भारत का सबसे पॉपुलर आम

लंगड़ा आम (Langda Mango): हरा छिलका, मीठा गूदा – उत्तर भारत का सबसे पॉपुलर आम

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप सब? आज मैं आपको एक ऐसे आम के बारे में बताने वाला हूँ जो देखने में हरा रहता है लेकिन अंदर से इतना मीठा और रसदार होता है कि उत्तर भारत में इसकी धूम मच जाती है। हम बात कर रहे हैं लंगड़ा आम (Langda Mango) की। यह आम देखने में हरा रहता है लेकिन अंदर से बहुत मीठा और रसदार होता है। लंगड़ा आम उत्तर भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला आम है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

लंगड़ा आम क्या है?

लंगड़ा आम Mangifera indica की एक प्रसिद्ध भारतीय किस्म है। इसका छिलका पकने पर भी ज्यादातर हरा या हल्का पीला रहता है, जबकि अंदर का गूदा गहरा पीला, रसदार, कम रेशेदार और बहुत मीठा होता है।

लंगड़ा आम का इतिहास

लंगड़ा आम का मूल स्थान उत्तर प्रदेश (वाराणसी/बनारस) माना जाता है। कहा जाता है कि यह किस्म लगभग 250-300 साल पहले विकसित हुई थी। नाम “लंगड़ा” इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी खोज या विकास किसी लंगड़े व्यक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। आज उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में इसकी सबसे अच्छी खेती होती है। वाराणसी का लंगड़ा आम सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।

Scientific Information

Scientific Name: Mangifera indica (Langra variety)

Family: Anacardiaceae

Genus: Mangifera

Native Region: India (Uttar Pradesh)

Common Names: Langda Mango, Langra Mango, लंगड़ा आम

लंगड़ा आम में पोषक तत्व (Per 100g)
NutrientAmount (Per 100g)
Calories60-65 kcal
WaterGood amount
Carbohydrates15 g
Natural SugarsHigh
Dietary Fiber1.5-1.8 g
Protein0.8 g
Total Fat0.4 g
Saturated FatTrace
Monounsaturated FatTrace
Polyunsaturated FatTrace
Omega-3Trace
Omega-6Trace
Vitamin CGood amount
Vitamin AHigh (beta-carotene)
Vitamin EPresent
Vitamin B6Present
Vitamin B9 (Folate)Present
PotassiumHigh
MagnesiumPresent
CalciumPresent
IronPresent
CopperPresent
SodiumLow
CarotenoidsHigh
PolyphenolsPresent
FlavonoidsPresent
Other Bioactive CompoundsAntioxidants
लंगड़ा आम के संभावित स्वास्थ्य लाभ
1. इम्यूनिटी मजबूत करे

विटामिन C से शरीर की रक्षा शक्ति बढ़ती है।

2. पाचन सुधार

फाइबर कब्ज दूर करने और पेट साफ रखने में मदद करता है।

3. आंखों के लिए अच्छा

विटामिन A आंखों की रोशनी बनाए रखने में सहायक होता है।

4. त्वचा के लिए

एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

5. एनर्जी

प्राकृतिक शुगर से तुरंत ऊर्जा मिलती है।

Research Snapshot

आम के Vitamin A, Vitamin C और antioxidants पर general health benefits के studies supportive हैं। लंगड़ा आम अपनी कम रेशेदार और मीठी क्वालिटी के लिए जाना जाता है।

इस फल का इस्तेमाल कैसे करें?

ताजा खाकर

जूस, मिल्कशेक या स्मूदी में

अचार, चटनी या डेजर्ट में

पल्प निकालकर

कैसे चुनें और स्टोर करें?

थोड़ा नरम, अच्छी खुशबू वाला चुनें।

कमरे के तापमान पर पकाएं, फिर फ्रिज में रखें।

इसकी तुलना किन आमों से की जा सकती है?
आमखास विशेषता
Langdaहरा छिलका, बहुत मीठा, कम रेशा
Alphonsoपीला-नारंगी, ज्यादा खुशबू
Dasheriलंबा आकार, मीठा
मुख्य बातें (Highlights)

छिलका हरा रहता है, लेकिन अंदर बहुत मीठा होता है।

उत्तर भारत का सबसे पॉपुलर आम।

रसदार और कम रेशेदार।

जूस, मिल्कशेक या ताजा खा सकते हो।

गर्मी के मौसम में सबसे अच्छा मिलता है।

सावधानियां

ज्यादा मत खाओ – मीठा होने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है।

डायबिटीज वाले लोग मात्रा में खाएं।

अच्छे से धोकर खाएं।

बहुत पका हुआ या खराब आम न खाएं।

रोचक तथ्य (Interesting Facts)

लंगड़ा आम पकने पर भी हरा ही रहता है।

वाराणसी (बनारस) का लंगड़ा आम सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।

इसमें फाइबर कम होता है, इसलिए आसानी से पच जाता है।

एक पेड़ से साल में सैकड़ों आम लग सकते हैं।

भारत में लंगड़ा आम का मौसम जून-जुलाई में चरम पर होता है।

जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
सवाल 1: रोज कितना लंगड़ा आम खा सकते हैं?

जवाब: 1-2 मीडियम साइज के काफी हैं।

सवाल 2: क्या लंगड़ा आम वजन बढ़ाता है?

जवाब: ज्यादा खाने से हां, लेकिन मॉडरेशन में एनर्जी देता है।

सवाल 3: लंगड़ा आम कहां मिलता है?

जवाब: उत्तर प्रदेश, बिहार और फल बाजारों में गर्मी के मौसम में।

सवाल 4: गर्भवती महिलाएं खा सकती हैं?

जवाब: हां, लेकिन डॉक्टर की सलाह से।

⚠︎ Disclaimer

यह जानकारी सामान्य ज्ञान के लिए है। कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। यह आर्टिकल किसी इलाज का विकल्प नहीं है। हर इंसान का शरीर अलग होता है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR