
पश्चिम बंगाल: CM सुवेंदु की चेतावनी का दिखा असर, वापस लौटने के लिए बॉर्डर पर उमड़ी कथित घुसपैठियों की भीड़
कोलकाता (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):
पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने राज्य में अवैध घुसपैठ के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा दी गई हालिया चेतावनी के बाद, भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे ज़िलों में भारी हलचल देखने को मिल रही है। नॉर्थ 24 परगना और मालदा जैसे सीमावर्ती इलाकों में सैकड़ों की संख्या में कथित बांग्लादेशी नागरिक अपने देश वापस लौटने के लिए बॉर्डर पर जुटने लगे हैं।
BSF कर रही है दस्तावेजों की जांच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ 24 परगना के हकीमपुर चेकपॉइंट पर भारी भीड़ देखी गई। ये लोग सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों को अपने दस्तावेज दिखाकर यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं और जल्द से जल्द वापस लौटना चाहते हैं।
नियमों के अनुसार, BSF पहले इन सभी लोगों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन (Verification) करेगी। इसके बाद सीमा पार तैनात 'बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश' (BGB) भी इनकी पहचान पुख्ता करेगी। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही इन्हें वापस जाने की इजाज़त दी जाएगी।
CM सुवेंदु अधिकारी की सख्त चेतावनी
यह पूरा घटनाक्रम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को सख्त लहज़े में वापस लौटने को कहा था। सरकार ने फॉरेनर्स एक्ट 2025 का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अवैध घुसपैठिए को राज्य में छिपने नहीं दिया जाएगा।
मालदा में शुरू हुआ 'होल्डिंग सेंटर'
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने संदिग्ध अवैध नागरिकों को उनके देश वापस (Deport) भेजे जाने तक अस्थायी रूप से रखने के लिए 'होल्डिंग सेंटर' बनाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, गृह विभाग के निर्देशों के तहत मालदा ऐसा पहला ज़िला बन गया है जहाँ इस तरह के होल्डिंग सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है।
प्रशासनिक स्तर पर हो रही इस त्वरित कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार का घुसपैठ-रोधी अभियान अब केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर सख्ती से लागू किया जा रहा है।


