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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-09-21
मनोज जरांगे के मुंबई आंदोलन को पुलिस की मंजूरी नहीं, गणेशोत्सव और भीड़ का हवाला

मनोज जरांगे के मुंबई आंदोलन को पुलिस की मंजूरी नहीं, गणेशोत्सव और भीड़ का हवाला

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

नमस्कार दोस्तों,

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील को मुंबई के आजाद मैदान में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन के लिए मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जरांगे ने 19 सितंबर 2026 से मुंबई में आंदोलन शुरू करने की घोषणा की थी। पुलिस ने छह पन्नों के आदेश में कई कारणों का हवाला देते हुए अनुमति खारिज की है।

गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा का दबाव

मुंबई पुलिस के मुताबिक, 14 से 25 सितंबर तक गणेशोत्सव के चलते शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहेगी। ऐसे समय में बड़े आंदोलन की अनुमति देने से पुलिस बल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

आंदोलन के नियमों का भी दिया हवाला

पुलिस ने Public Meetings, Demonstrations and Processions Rules, 2025 का हवाला देते हुए कहा कि प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और शनिवार से शुरू होने वाला कार्यक्रम मौजूदा नियमों के अनुरूप नहीं है। नियमों के तहत एक कार्यक्रम के लिए सीमित अवधि की अनुमति का प्रावधान बताया गया है।

आजाद मैदान में भीड़ की क्षमता पर सवाल

पुलिस ने यह भी कहा कि आजाद मैदान में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के जुटने की आशंका है। जरांगे की ओर से बड़ी संख्या में समर्थकों के मुंबई पहुंचने की बात कही गई है। पिछले आंदोलन के दौरान भी बड़ी भीड़ के कारण दक्षिण मुंबई में यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने का हवाला दिया गया।

पिछले आंदोलन का भी दिया उदाहरण

मुंबई पुलिस ने पिछले आंदोलन के दौरान सामने आई घटनाओं का भी उल्लेख किया है। पुलिस के मुताबिक, उस समय बड़ी संख्या में वाहन और प्रदर्शनकारी दक्षिण मुंबई पहुंचे थे, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और कुछ मामलों में पुलिस ने संज्ञेय अपराध दर्ज किए थे।

जरांगे बोले- आंदोलन तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा

पुलिस के फैसले के बाद मनोज जरांगे ने सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए निकलेंगे और अपनी टीम के साथ पुलिस के आदेश को कानूनी तौर पर चुनौती देने पर भी विचार करेंगे।

इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने जरांगे को मुंबई आने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रशासन को आंदोलन के लिए कोई नियम या शर्त तय करने का अधिकार नहीं है।

मुख्य बातें (Highlights)

मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे के आजाद मैदान आंदोलन को अनुमति नहीं दी।

जरांगे ने 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन अनशन की घोषणा की थी।

पुलिस ने छह पन्नों का अनुमति-निषेध आदेश जारी किया।

गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया गया।

प्रस्तावित भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई।

आजाद मैदान की क्षमता से अधिक भीड़ जुटने की आशंका बताई गई।

पिछले आंदोलन की घटनाओं का भी पुलिस ने उल्लेख किया।

जरांगे 15 सितंबर को मुंबई की ओर कूच करने की बात कह चुके हैं।

FAQs
सवाल 1: मनोज जरांगे मुंबई में कब आंदोलन करने वाले हैं?

जवाब: उन्होंने 19 सितंबर 2026 से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन की घोषणा की है।

सवाल 2: मुंबई पुलिस ने अनुमति क्यों नहीं दी?

जवाब: पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, संभावित बड़ी भीड़, यातायात बाधित होने की आशंका, आजाद मैदान की क्षमता और पिछले आंदोलन के दौरान सामने आई घटनाओं समेत कई कारण बताए हैं।

सवाल 3: क्या जरांगे मुंबई जाएंगे?

जवाब: जरांगे ने कहा है कि वह 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए निकलेंगे, हालांकि उनके आंदोलन को पुलिस की अनुमति नहीं मिली है।

सवाल 4: क्या बॉम्बे हाई कोर्ट ने जरांगे के मुंबई आने पर रोक लगाई है?

जवाब: नहीं। हाई कोर्ट ने उन्हें मुंबई आने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज की थी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया था।

⚠︎ Disclaimer:

यह खबर मुंबई पुलिस के अनुमति-निषेध आदेश, अदालत में हुई कार्यवाही और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। आंदोलन की अनुमति, शर्तों और आगे की कानूनी स्थिति में बदलाव संभव है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR