Morning News Delivery
Morning Prayers and Tea
ENTERTAINMENT (एंटरटेनमेंट) | 2026-07-11
राजपाल यादव चेक बाउंस केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने बरकरार रखी सजा, 3 महीने की जेल

राजपाल यादव चेक बाउंस केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने बरकरार रखी सजा, 3 महीने की जेल

द इंडियन न्यूज़पेपर ब्यूरो:

नमस्कार दोस्तों,

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी और अन्य याचिकाकर्ताओं की पुनरीक्षण (Revision) याचिकाएं खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा। अदालत ने सात चेक बाउंस मामलों में तीन-तीन महीने के साधारण कारावास की सजा बरकरार रखी है। हालांकि सभी सजाएं साथ-साथ (Concurrent) चलेंगी, इसलिए कुल प्रभावी सजा तीन महीने की होगी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला अभिनेता राजपाल यादव की फिल्म निर्माण कंपनी से जुड़े वित्तीय विवाद का है। अदालत में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने फिल्म निर्माण के लिए एक प्रोड्यूसर/कंपनी से वित्तीय सहायता (Loan) ली थी। भुगतान के लिए जारी किए गए कई चेक बैंक से बाउंस हो गए, जिसके बाद Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के तहत सात अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। समय के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण विवादित राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात अदालत में सामने आई।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा की एकल पीठ ने कहा कि राजपाल यादव को विवाद का समाधान करने और भुगतान करने के लिए कई अवसर दिए गए थे, लेकिन वे अदालत को दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं कर सके। अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और ट्रायल कोर्ट व सत्र न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। फैसले में अदालत ने उनकी कार्यप्रणाली (Conduct) पर भी टिप्पणी की।

सजा और मुआवजा

अदालत ने सातों मामलों में तीन-तीन महीने की साधारण कैद की सजा बरकरार रखी है, जो एक साथ चलेगी। साथ ही प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को ₹1.05 करोड़ का मुआवजा (Compensation) देने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यवाही के दौरान पहले से जमा की गई राशि का समायोजन (Adjustment) अंतिम गणना में किया जाएगा। राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव पर भी अदालत ने जुर्माना लगाया है।

क्या राजपाल यादव तुरंत जेल जाएंगे?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने राजपाल यादव को उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ आगे की कानूनी राहत लेने के लिए सीमित समय दिया है। ऐसे में यदि वे चाहें तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। फिलहाल उनकी ओर से इस फैसले पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मुख्य बातें

• दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिकाएं खारिज कर दीं।

• सात चेक बाउंस मामलों में तीन-तीन महीने की सजा बरकरार रखी गई।

• सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, इसलिए प्रभावी सजा तीन महीने होगी।

• प्रत्येक मामले में ₹1.05 करोड़ मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

• अभिनेता चाहें तो इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
सवाल 1: राजपाल यादव को किस मामले में सजा मिली है?

जवाब: उन्हें चेक बाउंस (Cheque Bounce) से जुड़े सात मामलों में सजा बरकरार रखी गई है।

सवाल 2: दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

जवाब: हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी पुनरीक्षण याचिकाएं खारिज कर दीं।

सवाल 3: उन्हें कितनी जेल की सजा हुई है?

जवाब: सात मामलों में तीन-तीन महीने की साधारण कैद की सजा है, लेकिन सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, इसलिए प्रभावी सजा तीन महीने की होगी।

सवाल 4: क्या उन्हें मुआवजा भी देना होगा?

जवाब: हां। अदालत ने प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को ₹1.05 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया है। पहले जमा की गई राशि का समायोजन भी किया जाएगा।

सवाल 5: क्या राजपाल यादव आगे अपील कर सकते हैं?

जवाब: हां। कानून के तहत वे इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प चुन सकते हैं।

⚠︎ Disclaimer :

यह समाचार दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित है। आगे किसी उच्च अदालत में अपील या नए आदेश की स्थिति में मामले की कानूनी स्थिति बदल सकती है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR