
ज्वाला गुट्टा ने सरकारी अस्पताल में डोनेट किया ब्रेस्ट मिल्क; नवजात बच्चों के लिए पेश की अनूठी मिसाल
नई दिल्ली: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने खेल के मैदान के बाद अब समाज के सामने एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उन्होंने सरकारी अस्पताल के 'ह्यूमन मिल्क बैंक' (Human Milk Bank) में अपना ब्रेस्ट मिल्क डोनेट कर एक नई मुहिम को बढ़ावा दिया है। उनकी इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन नवजात शिशुओं (Newborn Babies) की मदद करना है, जिन्हें किसी कारणवश जन्म के शुरुआती दिनों में अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता।
🔹 क्यों जरूरी है 'मदर मिल्क बैंक'?
आमतौर पर देश के कई बड़े सरकारी अस्पतालों में 'मदर मिल्क बैंक' की विशेष सुविधा होती है, जहां सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से मां के दूध को स्टोर किया जाता है। यह दूध उन बच्चों के लिए जीवनदान साबित होता है जो समय से पहले (Premature) पैदा होते हैं या जिनकी माताएं डिलीवरी के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही होती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, मां का दूध शिशुओं के लिए अमृत समान होता है जो उन्हें गंभीर संक्रमण (Infections) से बचाता है।
🔹 ज्वाला गुट्टा ने समाज से की खास अपील
इस नेक काम की जानकारी साझा करते हुए ज्वाला गुट्टा ने समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज भी हमारे समाज में ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन (Breast Milk Donation) को लेकर खुलकर बात करने में लोग झिझकते हैं, जबकि यह कई मासूम बच्चों को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने अन्य सक्षम माताओं से भी अपील की कि वे आगे आएं और सरकारी अस्पतालों के मिल्क बैंक में अपना अमूल्य योगदान दें।
🔹 स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने की सराहना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अस्पताल प्रशासन ने ज्वाला गुट्टा के इस बड़े कदम का दिल से स्वागत किया है। अधिकारियों का कहना है कि जब कोई बड़ी सेलिब्रिटी या नेशनल आइकॉन इस तरह के जरूरी स्वास्थ्य मुद्दों पर खुलकर सामने आता है, तो समाज में पुरानी भ्रांतियां और झिझक तेजी से दूर होती हैं।


