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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-06-11
₹370 बिरयानी विवाद में बड़ा कानूनी एक्शन: कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु और लेडी डॉक्टर पर FIR दर्ज, पुलिस का समन

₹370 बिरयानी विवाद में बड़ा कानूनी एक्शन: कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु और लेडी डॉक्टर पर FIR दर्ज, पुलिस का समन

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

सोशल मीडिया पर '₹370 की बिरयानी' और 'शवों के अध्ययन' पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर अब कानूनी शिकंजा पूरी तरह कस गया है। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे (Pranit More), वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा (Himanshu Jangra) और डॉ. सेजल पवार (Dr. Sejal Pawar) के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

साइबर सेल ने इन सभी को पूछताछ और आधिकारिक बयान दर्ज कराने के लिए समन जारी कर पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में पुलिस ने क्या बड़ी कानूनी कार्रवाई की है:

किन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की कई सख्त धाराएं लगाई गई हैं:

BNS की धारा 75(1)(iv) और 75(3): महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने और उनके खिलाफ आपत्तिजनक या जेंडर-बायस्ड (भेदभावपूर्ण) टिप्पणियां करने के आरोप में।

BNS की धारा 294: डिजिटल या सार्वजनिक मंचों पर स्वीकार्य सामाजिक मानदंडों के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र सामग्री का प्रदर्शन करने के लिए।

BNS की धारा 353(2): इंटरनेट पर ऐसी सामग्री प्रसारित करना जिससे समाज में भ्रामक अफवाहें या नफरत फैलती हो।

IT एक्ट, 2000 की धारा 67: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से आपत्तिजनक सामग्री को पब्लिश, प्रमोट और सर्कुलेट करने के आरोप में।

दोनों विवादित वीडियो आए पुलिस के दायरे में

साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे शो के दोनों क्लिप्स को कानून का सीधा उल्लंघन माना गया है।

पहला वीडियो: जिसमें हिमांशु जांगड़ा द्वारा एक डेट पर हुए ₹370 के खर्च के बदले महिलाओं के प्रति एक बेहद आपत्तिजनक दृष्टिकोण पेश किया गया और आपसी सहमति (Consent) के गंभीर विषय का मज़ाक उड़ाया गया।

दूसरा वीडियो: जिसमें डॉ. सेजल पवार द्वारा मेडिकल कॉलेज के प्रैक्टिकल रूम में रखे जाने वाले मृत शरीरों (Cadavers) की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ अपमानजनक बातें कही गईं। हालांकि, विरोध बढ़ता देख डॉ. सेजल ने सोशल मीडिया पर अपनी इस टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी संभाला मोर्चा

इस मामले की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस पूरे मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहातकर ने पुलिस से इस पर समयबद्ध कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है और आरोपियों को आगामी 22 जून को महिला आयोग के सामने आधिकारिक सुनवाई के लिए भी तलब किया है।

इसके साथ ही साइबर पुलिस ने आम जनता के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है कि इन विवादित वीडियो क्लिप्स को आगे शेयर, डाउनलोड या सर्कुलेट न करें, क्योंकि ऐसा करना भी आईटी एक्ट के नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
सवाल 1: साइबर पुलिस ने किन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर समन भेजा है?

जवाब: महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे, कमेंट करने वाले हिमांशु जांगड़ा और मृत शरीरों पर टिप्पणी करने वाली डॉ. सेजल पवार के खिलाफ केस दर्ज कर समन जारी किया है।

सवाल 2: इस मामले में आरोपियों पर कौन सी मुख्य कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?

जवाब: आरोपियों पर नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 294, 353(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67 लगाई गई है।

सवाल 3: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?

जवाब: महिला आयोग ने इस घटना पर सख्त आपत्ति जताते हुए पुलिस से तत्काल रिपोर्ट मांगी है और आरोपियों को 22 जून 2026 को आयोग के सामने पेश होने के लिए नोटिस भेजा है।

Short Disclaimer: यह समाचार लेख महाराष्ट्र साइबर पुलिस द्वारा दर्ज की गई आधिकारिक एफआईआर, पुलिस के बयानों और राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा की गई कार्रवाई के प्रमाणित तथ्यों पर आधारित है। मामले की कानूनी जांच और पूछताछ अभी जारी है। हमारा उद्देश्य पाठकों तक केवल निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना है।

"Please Note: Visual representations can be modified or generated using AI tools. Do not rely solely on imagery without reading the complete, verified information provided below."

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR