
जयपुर : मां की हत्या की साजिश में बेटी समेत 7 गिरफ्तार
जयपुर (राजस्थान): राजस्थान की राजधानी जयपुर में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय नीरज शर्मा, जो अदालत में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत थीं, उनकी मौत सड़क हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। जांच में आरोप है कि उनकी 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा ने कथित तौर पर संपत्ति पर कब्जा और अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से रिश्तेदारों और सुपारी किलर्स के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई 2026 को नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग सेंटर छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान जयपुर के प्रताप नगर इलाके में एक तेज रफ्तार Scorpio SUV ने उन्हें टक्कर मार दी। पुलिस का दावा है कि वाहन की रफ्तार करीब 130 किमी/घंटा थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नीरज शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक घटनास्थल से फरार हो गया। शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में जांच की दिशा बदल गई।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के दौरान ऐसे सुराग मिले, जिनसे यह संदेह हुआ कि घटना पूर्व नियोजित थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों ने करीब एक महीने तक नीरज शर्मा की गतिविधियों पर नजर रखी। शुरुआती रेकी कथित तौर पर एक किराये की Thar SUV से की गई थी, लेकिन योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद Scorpio SUV का इस्तेमाल कर कथित रूप से हत्या को अंजाम दिया गया ताकि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे।
पुलिस का कहना है कि नीरज शर्मा के पति के निधन के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी। जांच में दावा किया गया है कि आयुषी शर्मा स्वयं वह नौकरी चाहती थीं। इसके अलावा, मां-बेटी के बीच पिछले दो से तीन वर्षों से संपत्ति को लेकर विवाद भी चल रहा था। पुलिस इन्हीं कारणों को कथित हत्या की मुख्य वजह मान रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आयुषी शर्मा ने अपने चाचा मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा को कथित तौर पर 7 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। पुलिस का दावा है कि इसके बाद अन्य आरोपियों की मदद से पूरी योजना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस के अनुसार, बलराम उर्फ रवि अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। मामले की जांच जारी है तथा पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने कहा है कि मामले में जुटाए गए सभी साक्ष्यों को अदालत में पेश किया जाएगा।
• जयपुर में महिला LDC की मौत को पुलिस ने कथित हत्या बताया।
• पुलिस के अनुसार, बेटी ने संपत्ति और सरकारी नौकरी के लिए साजिश रची।
• कथित तौर पर 7 लाख रुपये में सुपारी देकर Scorpio SUV से टक्कर दिलाई गई।
• पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, एक आरोपी अभी फरार है।
• मामला पहले सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच में कथित साजिश सामने आई।
जवाब: पुलिस के अनुसार, यह घटना 3 जुलाई 2026 को जयपुर के प्रताप नगर इलाके में हुई थी।
जवाब: पुलिस का दावा है कि संपत्ति विवाद और अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने की कथित मंशा इस साजिश की वजह थी।
जवाब: पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया गया है।
जवाब: नहीं। फिलहाल यह पुलिस की जांच और आरोपों पर आधारित मामला है। अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
जवाब: पुलिस जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
⚠︎ Disclaimer :
यह समाचार पुलिस के आधिकारिक बयानों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। इस रिपोर्ट में जिन व्यक्तियों का उल्लेख आरोपी के रूप में किया गया है, वे कानून की नजर में तब तक निर्दोष माने जाएंगे जब तक सक्षम अदालत उन्हें दोषी सिद्ध नहीं कर देती।


