
पकड़ी गई आदमखोर बाघिन, कुछ देर बाद मौत; मौत की वजह पर जांच जारी
नमस्कार दोस्तों,
महाराष्ट्र के अमरावती जिले में दहशत फैलाने वाली आदमखोर बाघिन ‘पिंकी’ को वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पकड़ लिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बाघिन पर इलाके में लोगों पर हमले करने के आरोप थे।
वन विभाग की टीम ने 7 सितंबर को शिरजगांव कसबा क्षेत्र में बाघिन को ट्रैंक्विलाइज कर पिंजरे में सुरक्षित किया। इसके बाद पशु चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और शाम को उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के शुरुआती निष्कर्ष में बाघिन की मौत का कारण कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर बताया गया है। हालांकि, वन विभाग ने इसे अंतिम कारण नहीं माना है। मौत की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए शरीर के नमूने हिस्टोपैथोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए भेजे गए हैं।
बाघिन की मौत के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर ट्रैंक्विलाइजर की मात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वन विभाग ने अभी किसी तरह के ओवरडोज या किसी अन्य कारण को मौत की वजह नहीं माना है। अधिकारियों के मुताबिक अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाघिन पिछले कुछ समय से अमरावती के मोर्शी, चांदूर बाजार और आसपास के इलाकों में सक्रिय थी। उसके हमलों के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल था और वन विभाग की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं।
.अमरावती में आदमखोर बाघिन ‘पिंकी’ पकड़ी गई।
.रेस्क्यू के कुछ घंटों बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
.शुरुआती पोस्टमार्टम में कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर सामने आया।
.मौत की अंतिम वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
.नमूने टॉक्सिकोलॉजी और हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए भेजे गए।
.ट्रैंक्विलाइजर की मात्रा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
.वन विभाग ने अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
जवाब: बाघिन का नाम ‘पिंकी’ बताया गया है।
जवाब: वन विभाग के अनुसार, 7 सितंबर 2026 की शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हुई।
जवाब: पोस्टमार्टम में शुरुआती तौर पर कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर सामने आया है, लेकिन अंतिम कारण की जांच अभी जारी है।
जवाब: अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में स्पष्ट निष्कर्ष निकलेगा।
⚠︎ Disclaimer:
यह खबर उपलब्ध वन विभाग की जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। बाघिन की मौत का अंतिम कारण फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।


