
ओडिशा: रिश्वत केस में सस्पेंड हुए IAS अफसर की बहाली, सरकार ने रेवेन्यू विभाग में बनाया डिप्टी सेक्रेटरी
द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:
हाल ही में ओडिशा से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक सिस्टम और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। जिस युवा IAS अफसर को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार और सस्पेंड किया गया था, उसे अब राज्य सरकार ने 'रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट' (राजस्व और आपदा प्रबंधन) विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त कर दिया है। इस अफसर का नाम धीमान चकमा है।
पहली ही पोस्टिंग में लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
धीमान चकमा मूल रूप से त्रिपुरा के रहने वाले हैं और 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं। यह मामला जून 2025 का है, जब उनकी पहली पोस्टिंग ओडिशा के कालाहांडी जिले के धरमगढ़ सब-डिवीजन में बतौर सब-कलेक्टर हुई थी।
रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तारी: विजिलेंस (Vigilance) विभाग की टीम को एक स्टोन क्रशर मालिक ने शिकायत की थी कि काम के बदले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई है। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया और धीमान चकमा को 10 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
घर से मिले लाखों रुपये नकद: गिरफ्तारी के ठीक बाद जब उनके सरकारी आवास की तलाशी ली गई, तो विजिलेंस टीम को लगभग 47 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद हुई थी।
सस्पेंशन और जेल: इस बड़ी कार्रवाई के बाद उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया और वह कुछ समय तक न्यायिक हिरासत (जेल) में भी रहे। बाद में उन्हें ओडिशा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
बहाली और सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
लगभग एक साल बाद, मई-जून 2026 में ओडिशा सरकार ने उनका सस्पेंशन वापस लेते हुए उन्हें सेवा में बहाल कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर जताई जा रही है कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अफसर को 'रेवेन्यू' (राजस्व) जैसे महत्वपूर्ण विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं और सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं।
प्रशासनिक सूत्रों और अधिकारियों का कहना है कि यह बहाली केवल 'सर्विस रूल्स' (नियमों) के तहत की गई है, क्योंकि एक लंबे सस्पेंशन के बाद अधिकारी को बहाल किया जा सकता है। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस बहाली का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उन्हें क्लीन चिट मिल गई है; उनके खिलाफ कोर्ट में आपराधिक केस और विभागीय जांच अभी भी जारी है। आगे की कार्रवाई कोर्ट के अंतिम फैसले पर ही निर्भर करेगी।
जवाब: IAS धीमान चकमा को जून 2025 में 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस विभाग ने गिरफ्तार किया था और उनके घर से 47 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए थे।
जवाब: धीमान चकमा 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं और वे मूल रूप से त्रिपुरा के रहने वाले हैं।
जवाब: ओडिशा सरकार ने सस्पेंशन से वापस बुलाते हुए उन्हें 'रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट' विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त किया है।


