
9 घंटे हवा में उड़ने के बाद वापस लौटी एयर इंडिया की फ्लाइट, बीच आसमान में फेल हुआ सिक्योरिटी सिस्टम
नई दिल्ली (द इंडियन न्यूज़पेपर ब्यूरो):
एयर इंडिया (Air India) की एक इंटरनेशनल फ्लाइट में बड़ी तकनीकी खामी का मामला सामने आया है। 27 मई को दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) के लिए उड़ान भरने वाले एक विमान को करीब 9 घंटे तक हवा में रहने के बाद वापस दिल्ली लौटने पर मजबूर होना पड़ा। हवा में उड़ान के दौरान विमान का एक बेहद अहम सुरक्षा सिस्टम फेल हो गया था, जिसके बाद यह आपातकालीन कदम उठाया गया।
हवा में फेल हुआ TCAS सिस्टम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली से उड़ान भरने वाले इस बोइंग 777-300ER (VT-ALL) विमान का 'ट्रैफिक कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम' (TCAS) काम करना बंद कर चुका था। एविएशन सेक्टर में TCAS एक बेहद जरूरी सिक्योरिटी सिस्टम माना जाता है। यह सिस्टम हवा में उड़ रहे दो विमानों को एक-दूसरे के करीब आने पर अलर्ट करता है और उनके बीच कम्युनिकेशन बनाता है, जिससे आसमान में विमानों के टकराने का खतरा नहीं रहता। इस सिस्टम के बिना इंटरनेशनल रूट पर उड़ान भरना एविएशन नियमों के खिलाफ और बेहद खतरनाक है।
6 साल तक नागपुर डिपो में फंसा रहा विमान
इस घटना के बाद विमान के इतिहास को लेकर एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यह बोइंग 777-300ER विमान इस साल सर्विस में वापस आने से पहले लगभग 6 साल तक ग्राउंडेड (उड़ान से बाहर) था। फरवरी 2020 में इसे रेगुलर मेंटेनेंस के लिए नागपुर स्थित AIESL (एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड) के MRO डिपो में भेजा गया था। तब उम्मीद थी कि यह एक महीने के भीतर ठीक होकर सर्विस में लौट आएगा।
लेकिन, स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी के चलते यह विमान मार्च 2026 तक नागपुर डिपो में ही फंसा रहा। बताया जा रहा है कि इस दौरान एयर इंडिया मैनेजमेंट ने इसके कई दुरुस्त कल-पुर्जों को निकालकर दूसरे विमानों की मरम्मत में इस्तेमाल कर लिया था। इसके कारण इस विमान को उड़ान के लिए तैयार होने में आधे दशक से भी ज्यादा का समय लग गया। नागपुर से निकलने के बाद इस विमान ने कुछ घरेलू उड़ानें पूरी की थीं, जिसके बाद इसे सैन फ्रांसिस्को जैसे लंबे इंटरनेशनल रूट पर भेजा गया था, जहां यह बड़ी तकनीकी खामी सामने आई।


