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TECHNOLOGY (टेक्नोलॉजी) | 2026-09-28
नगालैंड में संदिग्ध जहरीली शराब से 2 दिन में 19 मौतें: राज्य में 1990 से शराबबंदी; सुप्रीम कोर्ट ने हाल में पूछा था- बैन से क्या हासिल हुआ

नगालैंड में संदिग्ध जहरीली शराब से 2 दिन में 19 मौतें: राज्य में 1990 से शराबबंदी; सुप्रीम कोर्ट ने हाल में पूछा था- बैन से क्या हासिल हुआ

नमस्कार दोस्तों,

नगालैंड में संदिग्ध मिलावटी या अवैध शराब पीने से पिछले दो दिनों में 19 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। पुलिस के अनुसार, मोककचुंग में 8 और तुएनसांग में 11 लोगों की मौत हुई है। मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई है और शराब के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजे गए हैं।

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

पुलिस के मुताबिक, दोनों जिलों में हुई मौतों का संबंध संदिग्ध रूप से अवैध या मिलावटी शराब के सेवन से बताया जा रहा है। हालांकि, मौतों का अंतिम कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने कहा है कि जांच में कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन अभी उनके बारे में जानकारी देना जल्दबाजी होगी।

घटना के बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की। अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार करने और करीब 3,000 शराब की बोतलें जब्त करने की जानकारी दी गई है। SIT का मुख्य उद्देश्य शराब के स्रोत और उसकी सप्लाई चेन का पता लगाना है।

1990 से लागू है शराबबंदी

नगालैंड में Nagaland Liquor Total Prohibition (NLTP) Act, 1989 के तहत अप्रैल 1990 से शराबबंदी लागू है। कानून के तहत शराब की बिक्री, उत्पादन, आयात, निर्यात, सेवन और कब्जे पर रोक है। इसके बावजूद राज्य में अवैध शराब की उपलब्धता को लेकर समय-समय पर मामले सामने आते रहे हैं।

नगालैंड सरकार की ओर से पहले भी यह स्वीकार किया गया है कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब और मिलावटी शराब की समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने 2024 में कहा था कि प्रतिबंध के कारण ब्लैक मार्केट और अवैध सप्लाई नेटवर्क जैसी समस्याएं सामने आई हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भी शराबबंदी पर उठाए थे सवाल

इस घटना के बीच सुप्रीम कोर्ट की 18 सितंबर 2026 की टिप्पणियां भी चर्चा में हैं। अदालत ने शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए राजस्व में कमी, प्रतिबंध लागू करने की लागत, पुलिस में भ्रष्टाचार, अवैध शराब बनाने और उससे जुड़े ड्रग्स के खतरे जैसे मुद्दों का उल्लेख किया था। अदालत ने गुजरात समेत अन्य राज्यों में अवैध शराब से हुई घटनाओं का भी संदर्भ दिया था।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की ये टिप्पणियां नगालैंड की मौजूदा घटना पर कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। नगालैंड में 19 मौतों की जांच अलग से चल रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौतों के कारण की पुष्टि होगी।

पुलिस की लोगों से अपील

नगालैंड पुलिस ने लोगों को बिना लेबल या संदिग्ध शराब का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि शराब पीने के बाद चक्कर, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

मुख्य बातें (Highlights)

नगालैंड में दो दिनों में 19 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई।

मोककचुंग में 8 और तुएनसांग में 11 मौतें बताई गई हैं।

पुलिस ने मौतों को संदिग्ध मिलावटी/अवैध शराब के सेवन से जोड़ा है।

मौतों का अंतिम कारण फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगा।

जांच के लिए SIT गठित की गई है।

पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

करीब 3,000 शराब की बोतलें जब्त की गई हैं।

नगालैंड में 1990 से शराबबंदी लागू है।

सुप्रीम कोर्ट ने 18 सितंबर को शराबबंदी के प्रभावों पर सवाल उठाए थे।

पुलिस ने लोगों को संदिग्ध और बिना लेबल वाली शराब से दूर रहने की सलाह दी है।

FAQs
सवाल 1: नगालैंड में कितने लोगों की मौत हुई है?

पुलिस के अनुसार, पिछले दो दिनों में 19 लोगों की मौत हुई है—मोककचुंग में 8 और तुएनसांग में 11।

सवाल 2: मौतों की वजह क्या बताई जा रही है?

मौतों का संबंध संदिग्ध मिलावटी या अवैध शराब के सेवन से बताया जा रहा है। अंतिम कारण फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगा।

सवाल 3: क्या नगालैंड में शराबबंदी लागू है?

हां। NLTP Act के तहत नगालैंड में अप्रैल 1990 से शराबबंदी लागू है।

सवाल 4: पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

पुलिस ने SIT बनाई है, कई स्थानों पर छापेमारी की है, 19 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 3,000 बोतलें जब्त की हैं।

सवाल 5: सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी पर क्या कहा था?

18 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने शराबबंदी की प्रभावशीलता से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल उठाए थे, जिनमें अवैध शराब, प्रवर्तन की लागत और अन्य सामाजिक प्रभाव शामिल थे।

डिस्क्लेमर: इस खबर में मौतों और संदिग्ध शराब के संबंध में जानकारी पुलिस तथा विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। फॉरेंसिक जांच पूरी होने तक मौतों का अंतिम कारण आधिकारिक रूप से निर्धारित नहीं माना जाना चाहिए। शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR