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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-09-30
SIR में नाम कटा तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अधिकारी, चुनाव आयोग ने बदली प्रक्रिया; 13.37 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से कम

SIR में नाम कटा तो घर जाकर दस्तावेज लेंगे अधिकारी, चुनाव आयोग ने बदली प्रक्रिया; 13.37 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से कम

नमस्कार दोस्तों,

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रक्रिया में बदलाव का फैसला किया है। जिन मतदाताओं को नाम मैप न होने या रिकॉर्ड में विसंगति के कारण नोटिस मिला है, उनके मामलों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर जाकर जरूरी दस्तावेज ले सकेंगे और उन्हें चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

26 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की बैठक में SIR से जुड़े कई फैसले लिए गए। आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें हर मामले में चुनाव कार्यालय जाकर दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। BLO जरूरत के अनुसार उनके घर जाकर दस्तावेज लेने और प्रक्रिया में मदद करेंगे।

दस्तावेज मिलने के बाद उन्हें आयोग के डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित चुनाव अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर मामले पर निर्णय करेंगे। कुछ मामलों में ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा भी दी जा सकती है।

नाम कटना मतलब अंतिम रूप से नाम हटना नहीं

चुनाव आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होना अपने आप अंतिम रूप से मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब नहीं है। संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज देने का अवसर मिलेगा।

पात्र मतदाता, जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

अब तक 13.37 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से कम

चुनाव आयोग के अनुसार, SIR के तहत अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में करीब 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। यह संख्या SIR से पहले की मतदाता सूची और ड्राफ्ट सूची के बीच का अंतर है। इसलिए इसे अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या संबंधित राज्यों में SIR से पहले मौजूद मतदाताओं की कुल संख्या का करीब 14.1 प्रतिशत है। अलग-अलग राज्यों में कमी का अनुपात अलग-अलग है।

दिल्ली और महाराष्ट्र में भी बढ़ी समयसीमा

चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ाई है। दिल्ली में यह अवधि 30 अक्टूबर 2026 तक और महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है।

दिल्ली में मामलों के निस्तारण की समयसीमा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में 10 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी उठाए थे सवाल

SIR प्रक्रिया को लेकर दिल्ली में जारी नोटिसों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि मतदाताओं को नोटिस में विसंगति का स्पष्ट कारण और उसे ठीक करने के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी मिलनी चाहिए। कोर्ट ने BLO की भूमिका को भी केवल नोटिस पहुंचाने तक सीमित न रखने की बात कही थी।

इसी पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग की ओर से घर पर दस्तावेज लेने और मतदाताओं को प्रक्रिया में सहायता देने का फैसला सामने आया है।

मुख्य बातें (Highlights)

SIR में नोटिस पाने वाले मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने में राहत।

जरूरत पड़ने पर BLO घर जाकर दस्तावेज ले सकेंगे।

दस्तावेज ECINET/आयोग के डिजिटल सिस्टम पर अपलोड किए जाएंगे।

कुछ मामलों में ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा भी मिल सकती है।

ड्राफ्ट सूची से नाम कम होना अंतिम रूप से नाम हटना नहीं माना जाता।

पात्र लोग प्रक्रिया के तहत Form-6 से नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

30 राज्यों/UT की ड्राफ्ट सूचियों में करीब 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं।

दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ाई गई है।

FAQs
सवाल 1: SIR में नाम कटने पर क्या अधिकारी घर आएंगे?

जिन मतदाताओं को नाम मैप न होने या रिकॉर्ड में विसंगति के कारण नोटिस मिला है, उनके मामलों में BLO जरूरत के अनुसार घर जाकर दस्तावेज ले सकते हैं।

सवाल 2: क्या ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने का मतलब नाम हमेशा के लिए कट गया?

नहीं। ड्राफ्ट सूची से नाम कम होना अंतिम मतदाता सूची से नाम हटने के बराबर नहीं है। पात्र मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाएगा।

सवाल 3: अब तक कितने नाम SIR में कम हुए हैं?

चुनाव आयोग के अनुसार, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में करीब 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं।

सवाल 4: अगर नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है तो क्या करें?

पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर:

यह खबर 26 सितंबर 2026 तक चुनाव आयोग और उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों में सामने आई जानकारी पर आधारित है। 13.37 करोड़ का आंकड़ा ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में हुई कमी से संबंधित है, इसे अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या नहीं माना जाना चाहिए। SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंकड़ों में बदलाव संभव है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR