
दिल्ली के शालीमार बाग में चला बुलडोजर: सड़क चौड़ीकरण के लिए 150 अवैध निर्माण ढहाए, पूर्व विधायक का दफ्तर भी टूटा
द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:
राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई (Bulldozer Action) की है। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत, भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में करीब 150 अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।
इस कार्रवाई की जद में आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्व विधायक वंदना कुमारी का कार्यालय भी आ गया, जिसे प्रशासन ने अवैध बताकर गिरा दिया है। आइए जानते हैं इस बड़ी कार्रवाई से जुड़ी मुख्य बातें:
क्यों चला 150 मकानों और दुकानों पर बुलडोजर?
प्रशासन और अधिकारियों के अनुसार, यह बुलडोजर एक्शन मुख्य रूप से सड़क को चौड़ा करने और ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए किया गया है:
मास्टर प्लान का पालन: दिल्ली के मास्टर प्लान के अनुसार, शालीमार बाग की इस सड़क की चौड़ाई 30 मीटर होनी चाहिए थी। लेकिन सड़क के दोनों ओर लोगों ने अवैध निर्माण कर लिए थे, जिससे सड़क बेहद संकरी हो गई थी।
जाम और जलभराव से निजात: सड़क किनारे बने इन अवैध निर्माणों के कारण इलाके में रोजाना गंभीर ट्रैफिक जाम लगता था। इसके अलावा, बारिश के दौरान जलभराव (Waterlogging) स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन जाता था।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई कार्रवाई
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद, प्रशासन ने पहले ही सभी को नोटिस जारी कर दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू की गई।
किसी भी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए इलाके में रात से ही अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) और दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया था।
मौके पर डीसीपी (DCP) और एसीपी (ACP) स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी निगरानी के लिए मौजूद थे।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और आम जनता की सुविधा के लिए की गई है।
जवाब: यह अतिक्रमण हटाओ अभियान दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में चलाया गया है।
जवाब: सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे करीब 150 अवैध मकानों, दुकानों और ढांचों को बुलडोजर से ढहा दिया गया है।
जवाब: इस कार्रवाई में आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्व विधायक वंदना कुमारी का दफ्तर भी अतिक्रमण के दायरे में आने के कारण तोड़ दिया गया।
जवाब: मास्टर प्लान के तहत 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाने, ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया।


