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HEALTH (स्वास्थ्य) | 2026-08-04
क्विंस (Quince / बिही): सुगंधित सुनहरा फल – जेली, मुरब्बा और पाचन का पारंपरिक साथी

क्विंस (Quince / बिही): सुगंधित सुनहरा फल – जेली, मुरब्बा और पाचन का पारंपरिक साथी

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप सब? आज मैं आपको एक ऐसे फल के बारे में बताने वाला हूँ जो देखने में सेब या नाशपाती जैसा लगता है, लेकिन कच्चा बहुत सख्त और कड़वा होता है। पकाने के बाद यह मीठा, सुगंधित और स्वादिष्ट हो जाता है। हम बात कर रहे हैं क्विंस (Quince) की। यह पीला-सुनहरा फल देखने में सेब या नाशपाती जैसा लगता है। कच्चा क्विंस बहुत सख्त और कड़वा होता है, लेकिन पकाने के बाद मीठा और सुगंधित हो जाता है। क्विंस सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि फाइबर और विटामिन से भरपूर है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

क्विंस क्या है?

क्विंस Cydonia oblonga नाम के पेड़ का फल है। यह पीला-सुनहरा, अंडाकार या गोल आकार का होता है। कच्चा रूप में बहुत सख्त और कषाय (astringent) होता है, लेकिन पकाने या पकने पर नरम, मीठा और सुगंधित हो जाता है। भारत में इसे “बिही” कहते हैं।

क्विंस का इतिहास

क्विंस का मूल स्थान पश्चिमी एशिया (ईरान, तुर्की) माना जाता है। हजारों साल से इसे उगाया जा रहा है। आज तुर्की, चीन, ईरान और यूरोप में इसकी खेती होती है। भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और कुछ पहाड़ी इलाकों में इसे “बिही” के नाम से जाना जाता है।

Scientific Information

Scientific Name: Cydonia oblonga

Family: Rosaceae

Genus: Cydonia

Native Region: Western Asia

Common Names: Quince, बिही, Safarjal

क्विंस में पोषक तत्व (Per 100g)
NutrientAmount (Per 100g)
Calories57 kcal
WaterGood amount
Carbohydrates15 g
Natural SugarsModerate
Dietary Fiber1.9 g
Protein0.4 g
Total Fat0.1 g
Saturated FatTrace
Monounsaturated FatTrace
Polyunsaturated FatTrace
Omega-3Trace
Omega-6Trace
Vitamin C15 mg
Vitamin APresent
Vitamin EPresent
Vitamin B6Present
Vitamin B9 (Folate)Present
PotassiumPresent
CopperPresent
CalciumPresent
MagnesiumPresent
IronPresent
SodiumLow
CarotenoidsPresent
PolyphenolsPresent
FlavonoidsPresent
Other Bioactive CompoundsAntioxidants, Pectin
क्विंस के संभावित स्वास्थ्य लाभ
1. पाचन सुधार

फाइबर और पेक्टिन कब्ज दूर करने और पेट साफ रखने में मदद करता है।

2. इम्यूनिटी

विटामिन C से शरीर की रक्षा शक्ति बढ़ती है।

3. एंटीऑक्सीडेंट

सूजन कम करने और फ्री रेडिकल्स से लड़ने में सहायक होता है।

4. वजन नियंत्रण

कम कैलोरी होने से वजन प्रबंधन में मददगार है।

5. त्वचा के लिए

विटामिन C त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

Research Snapshot

क्विंस के fiber, pectin और Vitamin C पर digestion तथा antioxidant benefits के studies supportive हैं। पारंपरिक रूप से जेली और पाचन संबंधी उपयोग में जाना जाता है।

इस फल का इस्तेमाल कैसे करें?

पकाकर या बेक करके

जेली, मुरब्बा, जैम बनाकर

कॉम्पोट या डेजर्ट में

चाय या शरबत में

कैसे चुनें और स्टोर करें?

दृढ़, सुगंधित फल चुनें।

कमरे के तापमान पर रखें, पकाकर फ्रिज में स्टोर करें।

इसकी तुलना किन फलों से की जा सकती है?
फलखास विशेषता
QuinceHigh pectin, aromatic when cooked
AppleSimilar shape, edible raw
PearSofter texture
मुख्य बातें (Highlights)

सुगंधित फल, जेली और मुरब्बा बनाने में बेस्ट।

कच्चा खाने योग्य नहीं, पकाने के बाद स्वादिष्ट।

फाइबर और विटामिन C से भरपूर।

पहाड़ी इलाकों में आसानी से मिल जाता है।

पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल होता है।

सावधानियां

कच्चा मत खाओ – बहुत सख्त और कड़वा होता है।

ज्यादा मत खाओ – पेट फूलने या गैस हो सकती है।

एलर्जी वाले लोग सावधानी बरतें।

अच्छे से धोकर और पकाकर खाएं।

रोचक तथ्य (Interesting Facts)

क्विंस को “बिही” भी कहते हैं।

प्राचीन काल में इसे सेब से भी ज्यादा महत्व दिया जाता था।

पकाने पर इसका रंग गुलाबी हो जाता है।

जेली, मुरब्बा और जैम बनाने में बहुत इस्तेमाल होता है।

भारत में कश्मीर और हिमाचल में इसकी खेती होती है।

जरूरी सवाल-जवाब (FAQs)
सवाल 1: रोज कितना क्विंस खा सकते हैं?

जवाब: आधा से एक फल (पका हुआ) काफी है।

सवाल 2: क्या क्विंस वजन घटाने में मदद करता है?

जवाब: कम कैलोरी और फाइबर होने से हां, लेकिन संतुलित डाइट के साथ।

सवाल 3: क्विंस कहां मिलता है?

जवाब: पहाड़ी इलाकों, कुछ फल बाजार और ऑनलाइन।

सवाल 4: गर्भवती महिलाएं खा सकती हैं?

जवाब: हां, लेकिन डॉक्टर की सलाह से।

⚠︎ Disclaimer

यह जानकारी सामान्य ज्ञान के लिए है। कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। यह आर्टिकल किसी इलाज का विकल्प नहीं है। हर इंसान का शरीर अलग होता है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR