
इतिहास का सबसे बड़ा सच या झूठ? जब एक ब्रिटिश सैनिक ने छोड़ दी थी एडॉल्फ हिटलर की जान!
द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:
प्रथम विश्व युद्ध (World War I) के दौरान की एक कहानी आज भी दुनिया भर में काफी मशहूर है। कहा जाता है कि युद्ध के मैदान में किस्मत ने एक ऐसा खेल खेला था, जिसने पूरी दुनिया का इतिहास बदल कर रख दिया। यह कहानी है एक ब्रिटिश सैनिक द्वारा एक घायल जर्मन सैनिक को जीवनदान देने की।
जब दुश्मन पर आ गई दया
यह घटना साल 1918 की बताई जाती है। फ्रांस के मार्कोइंग (Marcoing) गाँव में भीषण युद्ध चल रहा था। ब्रिटिश सेना का एक बहादुर और निडर सैनिक, जिसका नाम हेनरी टैंडे (Henry Tandey) था, मोर्चे पर तैनात था।
अचानक उसने देखा कि एक घायल और थका हुआ जर्मन सैनिक उनकी सीमा के पास लड़खड़ाता हुआ आ रहा है। उस जर्मन सैनिक के पास कोई हथियार नहीं था और वह बुरी तरह घायल था। हेनरी टैंडे ने अपनी राइफल उठाई और निशाना साधा, लेकिन एक निहत्थे और घायल इंसान को देखकर उनका दिल पसीज गया। उन्होंने अपनी बंदूक नीचे कर ली। घायल जर्मन सैनिक ने हेनरी को सिर झुकाकर धन्यवाद (Nod) किया और वहां से चुपचाप चला गया।
वह घायल सैनिक कौन था?
इतिहास के पन्नों में दावा किया जाता है कि जिस जर्मन सैनिक की जान हेनरी टैंडे ने बख्शी थी, वह कोई और नहीं बल्कि एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler) था। सालों बाद, जब हिटलर जर्मनी का तानाशाह बना, तो उसने खुद इस बात का दावा किया था कि एक ब्रिटिश सैनिक (हेनरी) ने युद्ध में उसकी जान बचाई थी।
हालांकि यह कहानी सुनने में रोंगटे खड़े कर देती है, लेकिन आधुनिक इतिहासकार (Historians) इसे पूरी तरह सच नहीं मानते:
दूरी का अंतर: ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स बताते हैं कि जिस तारीख (28 सितंबर 1918) की यह घटना है, उस दिन हेनरी टैंडे और हिटलर की मिलिट्री यूनिट्स एक-दूसरे से लगभग 50 मील दूर थीं।
हिटलर का झूठ: कई जानकारों का मानना है कि हिटलर ने खुद को 'ईश्वर द्वारा बचाया गया' या किस्मत का चुना हुआ इंसान साबित करने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी थी।
हेनरी टैंडे ने यह जरूर माना था कि उन्होंने युद्ध में कई घायल सैनिकों को जाने दिया था, लेकिन उन्होंने कभी इस बात की पुष्टि नहीं की कि उनमें से एक हिटलर था।
जवाब: हेनरी टैंडे प्रथम विश्व युद्ध (WWI) में ब्रिटिश सेना के सबसे बहादुर और सबसे ज्यादा मेडल (Victoria Cross) पाने वाले सैनिकों में से एक थे।
जवाब: ऐतिहासिक प्रमाणों (Historical evidence) के अनुसार यह बात साबित नहीं होती। इसे ज्यादातर एक अफवाह या हिटलर द्वारा गढ़ा गया मिथक माना जाता है।
जवाब: 1938 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री नेविल चेम्बरलेन से मुलाकात के दौरान हिटलर ने दावा किया था कि हेनरी टैंडे की अचूक गोलीबारी से ईश्वर ने उसकी जान बचाई थी।


