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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-10-04
ओल्ड पेंशन स्कीम पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों को मिली राहत

ओल्ड पेंशन स्कीम पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों को मिली राहत

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

नमस्कार दोस्तों,

उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने बांदा जिले के तीन सेवानिवृत्त संग्रह अमीनों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि नियमितीकरण से पहले की उनकी सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल किया जाएगा।

नियमित होने से पहले की सेवा भी गिनी जाएगी

मामले में याचिकाकर्ताओं ने 1989 और 1990 से बतौर सीजनल संग्रह अमीन सेवा शुरू की थी। बाद में उन्हें नियमित किया गया। विवाद इस बात को लेकर था कि नियमितीकरण से पहले की सेवा को पेंशन की गणना में शामिल किया जाए या नहीं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नियमितीकरण से पहले की गई सेवा को निर्धारित नियमों के अनुसार पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल किया जा सकता है।

सरकार को पेंशन लाभ देने का निर्देश

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को संबंधित कर्मचारियों के मामले में पुरानी पेंशन योजना के तहत लाभ देने और उनकी अर्हकारी सेवा की गणना करने का निर्देश दिया है।

हालिया फैसले में तीन सेवानिवृत्त संग्रह अमीनों को राहत मिली है। इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश के हर रिटायर्ड कर्मचारी को स्वतः OPS का लाभ मिल जाएगा; लाभ संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति, नियमितीकरण और लागू सेवा नियमों पर निर्भर करेगा।

OPS को लेकर यूपी में पहले भी कई मामले

उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन को लेकर अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के मामले अदालतों में पहुंचे हैं। सितंबर 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में भी सीजनल सेवा को पेंशन की अर्हकारी सेवा में शामिल करने का निर्देश दिया था।

वहीं, एक अलग मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 1 अप्रैल 2005 के बाद नियमित हुए अस्थायी और वर्कचार्ज कर्मचारियों को OPS देने से जुड़े एकल पीठ के आदेश पर अंतरिम रोक भी लगाई थी। इसलिए OPS से जुड़े मामलों में कर्मचारी की सेवा की परिस्थितियां और संबंधित कानूनी प्रावधान महत्वपूर्ण हैं।

मुख्य बातें (Highlights)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन सेवानिवृत्त संग्रह अमीनों को राहत दी।

नियमितीकरण से पहले की सेवा को पेंशन की अर्हकारी सेवा में शामिल करने का आदेश दिया गया।

मामला बांदा जिले के सेवानिवृत्त संग्रह अमीनों से जुड़ा है।

उन्हें पुरानी पेंशन योजना के लाभ का रास्ता साफ हुआ।

OPS का लाभ सभी कर्मचारियों को स्वतः मिलने की बात आदेश में नहीं है; मामला सेवा रिकॉर्ड और लागू नियमों पर निर्भर करता है।

FAQs
सवाल 1: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसे राहत दी है?

बांदा जिले के तीन सेवानिवृत्त संग्रह अमीनों को राहत मिली है।

सवाल 2: कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

कोर्ट ने नियमितीकरण से पहले की गई सेवा को पेंशन की अर्हकारी सेवा में शामिल करने और पुरानी पेंशन योजना के लाभ देने का निर्देश दिया है।

सवाल 3: क्या यूपी के सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को OPS मिल जाएगी?

नहीं। यह फैसला विशेष मामले से संबंधित है। किसी अन्य कर्मचारी को लाभ मिलेगा या नहीं, यह उसकी नियुक्ति, नियमितीकरण, सेवा अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

सवाल 4: क्या यूपी में OPS को लेकर अन्य मामले भी चल रहे हैं?

हां। उत्तर प्रदेश में अस्थायी, वर्कचार्ज और नियमित कर्मचारियों की पेंशन पात्रता से जुड़े कई मामले अदालतों में सामने आए हैं और अलग-अलग मामलों में अलग आदेश हुए हैं।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट उपलब्ध न्यायिक आदेशों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। पुरानी पेंशन योजना की पात्रता कर्मचारी की नियुक्ति, नियमितीकरण, सेवा अवधि और संबंधित सेवा नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR