
हिंदी दिवस पर CM सम्राट चौधरी का ऐलान, बिहार में होगा दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम; मार्च 2027 से पहले आयोजन
नमस्कार दोस्तों,
हिंदी दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम आयोजित करने की घोषणा की है। इस आयोजन में देशभर के प्रमुख साहित्यकारों, कवियों, रचनाकारों और विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम मार्च 2027 से पहले पटना में आयोजित किए जाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पटना के नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन के सभागार में आयोजित हिंदी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन के दौरान की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समागम की तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की पहचान, संस्कृति, सभ्यता और समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है। उन्होंने लोगों से हिंदी का इस्तेमाल केवल सरकारी कार्यक्रमों या हिंदी दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन, व्यवहार और कार्यक्षेत्र में भी बढ़ाने की अपील की।
सम्राट चौधरी ने हिंदी साहित्य में बिहार के योगदान का उल्लेख करते हुए विद्यापति, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ और नागार्जुन जैसे साहित्यकारों को याद किया। उन्होंने कहा कि इन साहित्यकारों की रचनाओं ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया और समाज को दिशा देने में योगदान दिया।
हिंदी दिवस पर बिहार में दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम की घोषणा।
आयोजन पटना में मार्च 2027 से पहले होने की योजना।
देशभर के साहित्यकारों, कवियों और विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
हिंदी के दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में अधिक इस्तेमाल की अपील।
⚠︎ Disclaimer: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित है। समागम की निश्चित तारीख, स्थान और विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।


