
यूपी चुनाव 2027: सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग पर पेच, अखिलेश ने बताया ‘जीत की क्षमता’ वाला फॉर्मूला
नमस्कार दोस्तों,
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत जारी है। दोनों दल गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, लेकिन सीटों की संख्या और कुछ महत्वपूर्ण सीटों को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 25 सितंबर को रायबरेली में कहा कि सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होना चाहिए कि किसी सीट पर किस दल की जीत की क्षमता अधिक है। उनके मुताबिक, जिस सीट पर जिस दल का उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हो, वहां उसी दल को चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए।
इस फॉर्मूले का मतलब यह है कि सीटों का बंटवारा केवल पिछली बार कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा गया था, इसके आधार पर नहीं बल्कि स्थानीय संगठन, संभावित उम्मीदवार और चुनावी स्थिति जैसे पहलुओं को देखकर किया जाए।
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच मुख्य अंतर सीटों की संख्या को लेकर है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि सपा लगभग 60 से 70 सीटों पर कांग्रेस को जगह देने के विकल्प पर विचार कर रही है, जबकि कांग्रेस 2017 के गठबंधन को आधार बनाकर करीब 105 सीटों की मांग कर रही है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस 100 से अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी जता रही है और राज्य के अलग-अलग जिलों में संगठनात्मक मौजूदगी बनाए रखने के लिए सीटें चाहती है। वहीं सपा जीत की संभावनाओं और संभावित उम्मीदवारों को भी सीट तय करने का आधार बनाना चाहती है।
सीट बंटवारे में अमेठी और रायबरेली जैसे क्षेत्रों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इन सीटों को लेकर दोनों दलों की अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं हैं और यहां भी बातचीत की जरूरत है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर सपा और कांग्रेस के बीच सीटों की अंतिम संख्या या प्रत्येक सीट का आधिकारिक बंटवारा घोषित नहीं हुआ है। कांग्रेस की ओर से अक्टूबर तक सीटों की तस्वीर स्पष्ट करने की बात कही गई है, जबकि दोनों दल अपने स्तर पर संगठन और संभावित उम्मीदवारों की तैयारी कर रहे हैं।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बातचीत जारी है।
सीटों की संख्या और कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर अभी सहमति नहीं बनी है।
अखिलेश यादव ने सीट बंटवारे में ‘जीत की क्षमता’ को आधार बनाने की बात कही।
रिपोर्टों के मुताबिक सपा 60–70 सीटों के विकल्प पर विचार कर रही है।
कांग्रेस 2017 के फॉर्मूले के आधार पर करीब 105 सीटों की मांग कर रही है।
अंतिम सीट शेयरिंग समझौता अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि किसी सीट पर किस दल के उम्मीदवार की जीत की क्षमता अधिक है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस करीब 105 सीटों की मांग कर रही है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 100 से अधिक सीटों की उसकी दावेदारी का उल्लेख है।
सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में सपा की ओर से लगभग 60 से 70 सीटों के विकल्प पर विचार किए जाने की बात कही गई है।
नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सीटों की संख्या और सीटवार बंटवारे पर अंतिम आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। सीटों की संख्या से जुड़े आंकड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों में बताए गए संभावित फॉर्मूलों पर आधारित हैं। अंतिम सीट शेयरिंग का आधिकारिक निर्णय संबंधित दलों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।


