
श्रद्धा वालकर मामले की 20 जुलाई की सुनवाई टली, आरोपी की परीक्षा के चलते कोर्ट ने बदली तारीख
नमस्कार दोस्तों,
दिल्ली की एक अदालत ने चर्चित श्रद्धा वालकर मामले में 20 जुलाई 2026 को तय सुनवाई की तारीख में बदलाव किया है। अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि इस मामले के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने बताया कि उसी दिन वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की एमए (समाजशास्त्र) की अंतिम परीक्षा तिहाड़ जेल के परीक्षा केंद्र में देने वाला है। अदालत ने उसकी अर्जी स्वीकार करते हुए सुनवाई की नई तारीख तय कर दी है।
यह मामला वर्ष 2022 में सामने आए श्रद्धा वालकर प्रकरण से जुड़ा है। इस मामले में आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ दिल्ली की अदालत में मुकदमा चल रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
अदालत ने आरोपी की ओर से दायर आवेदन पर विचार करते हुए 20 जुलाई की कार्यवाही स्थगित कर दी। आवेदन में बताया गया था कि उसी दिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक एमए (समाजशास्त्र) की अंतिम परीक्षा निर्धारित है, जो तिहाड़ जेल स्थित IGNOU परीक्षा केंद्र में होगी। अदालत ने इसके बाद निर्देश दिया कि अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य 21 जुलाई से दोपहर 2 बजे दर्ज किए जाएंगे। पहले से तय अन्य तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अदालत के आदेश के अनुसार, 21 जुलाई से मामले की सुनवाई फिर शुरू होगी। इस दौरान अभियोजन पक्ष अपने शेष गवाहों के बयान दर्ज कराएगा। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी।
• दिल्ली अदालत ने 20 जुलाई की सुनवाई स्थगित की।
• आरोपी ने एमए (समाजशास्त्र) की अंतिम परीक्षा का हवाला देते हुए आवेदन दिया था।
• परीक्षा तिहाड़ जेल स्थित IGNOU केंद्र में आयोजित होगी।
• अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य 21 जुलाई से दर्ज किए जाएंगे।
• मामले की न्यायिक प्रक्रिया पहले की तरह आगे जारी रहेगी।
जवाब: आरोपी की एमए (समाजशास्त्र) की अंतिम परीक्षा उसी दिन होने के कारण अदालत ने सुनवाई की तारीख बदल दी।
जवाब: परीक्षा तिहाड़ जेल परिसर में स्थित IGNOU परीक्षा केंद्र पर आयोजित होगी।
जवाब: अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्य 21 जुलाई से दोपहर 2 बजे दर्ज करने का निर्देश दिया है।
जवाब: नहीं। यह केवल सुनवाई की तारीख से जुड़ा आदेश है। मुकदमे का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
जवाब: नहीं। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आएगा।
⚠︎ Disclaimer :
यह लेख अदालत के आदेश और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक दोषी नहीं माना जाता।


