
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया, पुलिस ने बताया मेडिकल एहतियात
नमस्कार दोस्तों,
लद्दाख के शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे उनके अनशन के दौरान अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के आधार पर यह कदम उठाया गया। इस दौरान कुछ समर्थकों ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने इसे मेडिकल सहायता की कार्रवाई बताया, न कि गिरफ्तारी।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। वे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और लद्दाख से संबंधित कुछ संवैधानिक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें स्ट्रेचर के जरिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों और समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि वांगचुक अपना आंदोलन जारी रखना चाहते थे। वहीं पुलिस का कहना है कि प्राथमिकता उनकी सेहत और सुरक्षा थी।
पिछले कुछ दिनों से मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के अनुसार, लंबे समय से चल रहे उपवास के कारण उनका वजन कम हुआ था और डॉक्टर लगातार स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे थे।

• सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया।
• पुलिस ने इसे मेडिकल एहतियात बताया, गिरफ्तारी नहीं।
• कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के आधार पर होने की बात कही गई।
• कुछ प्रदर्शनकारियों ने इस कदम का विरोध किया।
• वांगचुक कई दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थे।
जवाब: पुलिस के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
जवाब: पुलिस ने कहा है कि यह गिरफ्तारी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी एहतियाती कदम था।
जवाब: वे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और लद्दाख से संबंधित मांगों को लेकर अनशन पर थे।
जवाब: प्रदर्शन की आगे की स्थिति और आयोजकों के अगले कदमों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
⚠︎ Disclaimer:
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है, इसलिए अंतिम और आधिकारिक अपडेट संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी मानी जाएगी।


