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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-10-03
SIR विवाद पर चिराग पासवान की चुनाव आयोग को सलाह, बोले- जनता के सवालों पर मजबूती से रखें अपना पक्ष

SIR विवाद पर चिराग पासवान की चुनाव आयोग को सलाह, बोले- जनता के सवालों पर मजबूती से रखें अपना पक्ष

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

नमस्कार दोस्तों,

मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में सवाल या संदेह पैदा हो रहे हैं, तो आयोग को सामने आकर मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए।

'मैं किसी संवैधानिक संस्था का बचाव नहीं कर रहा'

चिराग पासवान ने कहा कि वह सरकार का हिस्सा होने के बावजूद किसी संवैधानिक संस्था का बचाव करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि आयोग को अपने ऊपर उठ रहे सवालों पर खुद स्पष्टीकरण देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष क्या कह रहा है, इसका जवाब देना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है। उनके मुताबिक, आयोग को मुख्य रूप से जनता के मन में पैदा हुए संदेह को दूर करना चाहिए।

जनता का भरोसा बनाए रखने पर जोर

चिराग पासवान ने कहा कि अगर लोगों का चुनावी व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित स्थिति नहीं होगी। इसलिए उन्होंने आयोग से अपनी बात अधिक स्पष्ट और मजबूती से जनता के सामने रखने की सलाह दी।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर मतभेद की मीडिया रिपोर्टें भी सामने आई हैं। NDTV के अनुसार, आयोग ने कहा है कि सदस्यों के बीच अलग-अलग राय होना विचार-विमर्श की सामान्य प्रक्रिया है और SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

चिराग पासवान के अलावा NDA के सहयोगी दलों से भी आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग सामने आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा और TDP नेता लावु श्रीकृष्ण देवरायलु ने भी पारदर्शिता और स्पष्टीकरण की जरूरत पर जोर दिया।

मुख्य बातें (Highlights)

SIR विवाद के बीच चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा।

उन्होंने कहा कि आयोग को अपनी बात मजबूती से जनता के सामने रखनी चाहिए।

चिराग ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संवैधानिक संस्था का बचाव करना नहीं है।

उन्होंने जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह दूर करने पर जोर दिया।

आयोग ने कहा है कि सदस्यों के बीच अलग-अलग राय होना विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा है।

FAQs
सवाल 1: चिराग पासवान ने चुनाव आयोग से क्या कहा?

उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं तो आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट और मजबूती से जनता के सामने रखनी चाहिए।

सवाल 2: क्या चिराग पासवान ने SIR का विरोध किया है?

उनके बयान में SIR का सीधा विरोध या समर्थन नहीं किया गया। उन्होंने मुख्य रूप से चुनाव आयोग से जनता के मन में पैदा हुए संदेह को दूर करने के लिए स्पष्टीकरण देने की बात कही।

सवाल 3: SIR क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची की समीक्षा और सत्यापन किया जाता है।

सवाल 4: चुनाव आयोग ने विवाद पर क्या कहा है?

आयोग के अनुसार, उसके सदस्यों के बीच अलग-अलग विचार होना विचार-विमर्श की सामान्य प्रक्रिया है और SIR से संबंधित अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

डिस्क्लेमर:

यह रिपोर्ट चिराग पासवान के सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। SIR तथा चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों और दावों को संबंधित पक्षों के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR