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GENERAL / LATEST NEWS | 2026-09-20
अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, डोटासरा-जूली ने थपथपाई पीठ; बोर्ड बनाने का दावा

अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, डोटासरा-जूली ने थपथपाई पीठ; बोर्ड बनाने का दावा

द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो:

नमस्कार दोस्तों,

राजस्थान के अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 80 में से 37 वार्डों में जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा को 32 सीटें मिली हैं, जबकि 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। नतीजों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और जीत पर उनका उत्साह बढ़ाया।

कांग्रेस नेताओं ने अजमेर में नगर निगम बोर्ड बनाने का दावा किया है। हालांकि, कांग्रेस को बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन चाहिए। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मेयर चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने पांच निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने का दावा भी किया है। मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना है। फिलहाल बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक बातचीत जारी है।

The Times of India

मुख्य बातें (Highlights)

अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 37 सीटें जीतीं।

भाजपा को 32 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 11 सीटें मिलीं।

डोटासरा और टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

कांग्रेस ने नगर निगम बोर्ड बनाने का दावा किया।

मेयर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन निर्णायक हो सकता है।

मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को निर्धारित है।

FAQs
सवाल 1: अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं? जवाब: कांग्रेस ने 80 में से 37 वार्डों में जीत दर्ज की।
सवाल 2: भाजपा को कितनी सीटें मिलीं? जवाब: भाजपा ने 32 वार्डों में जीत हासिल की।
सवाल 3: क्या कांग्रेस ने नगर निगम बोर्ड बना लिया है? जवाब: अभी बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। कांग्रेस ने बोर्ड बनाने का दावा किया है, लेकिन मेयर चुनाव में समर्थन जुटाना जरूरी होगा।
सवाल 4: मेयर चुनाव कब होगा? जवाब: उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अजमेर में मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को निर्धारित है।

⚠︎ Disclaimer: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। बोर्ड गठन और निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से जुड़ी स्थिति राजनीतिक बातचीत और आगामी मतदान के बाद स्पष्ट होगी।

WRITTEN AND PUBLISHED BY SANDEEP SINGH, FOUNDER & EDITOR