
महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, करीब 74-75% क्षेत्र प्रभावित; फडणवीस सरकार ने राहत उपायों का किया ऐलान
नमस्कार दोस्तों,
महाराष्ट्र में कम बारिश और लंबे सूखे के हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 358 में से 265 तालुकों को सूखा-प्रभावित घोषित किया है। यह फैसला 26 सितंबर 2026 को जारी सरकारी आदेश के तहत लिया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इससे राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुके प्रभावित हुए हैं, जबकि कई रिपोर्टों में इसे लगभग 75 प्रतिशत बताया गया है।
आकाशवाणी के मुताबिक, महाराष्ट्र में जून से 18 सितंबर के बीच सामान्य से 18.8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। बारिश की कमी और लंबे सूखे के कारण 32 जिलों में स्थिति प्रभावित हुई है। सोलापुर, अहिल्यानगर, नासिक, लातूर, बीड, बुलढाणा, अमरावती, यवतमाल, नागपुर और चंद्रपुर समेत कई जिले प्रभावित बताए गए हैं।
सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है। इनमें फसल ऋण का पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट और कृषि ऋण की वसूली को टालना शामिल है।
कृषि पंपों के बिजली बिल में भी राहत देने की घोषणा की गई है। जरूरत वाले क्षेत्रों में पानी के टैंकर, पीने के पानी, खाद्यान्न और पशुओं के चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट देने तथा ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अधिक काम उपलब्ध कराने के लिए नियमों में ढील देने की बात कही गई है।
जिला कलेक्टरों को फसल नुकसान का आकलन कर फोटो और GPS लोकेशन के साथ रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फसल नुकसान के लिए आर्थिक सहायता की राशि और प्रक्रिया को लेकर अलग सरकारी आदेश जारी किया जाएगा।
महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
प्रभावित तालुके राज्य के करीब 74 प्रतिशत हैं; कई रिपोर्टों में इसे लगभग 75 प्रतिशत बताया गया है।
जून से 18 सितंबर के बीच बारिश में 18.8 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।
फसल ऋण के पुनर्गठन और कृषि ऋण की वसूली टालने जैसे उपाय घोषित किए गए।
भूमि राजस्व और कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत का प्रावधान किया गया।
जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर, चारा और खाद्यान्न की व्यवस्था की जाएगी।
फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद आर्थिक सहायता पर अलग आदेश जारी होगा।
राज्य के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।
नहीं। सरकारी आदेश 265 तालुकों पर लागू है। इसलिए इसे पूरे राज्य में समान रूप से सूखा घोषित किए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फसल ऋण का पुनर्गठन, कृषि ऋण की वसूली स्थगित करना, भूमि राजस्व में छूट और कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत समेत कई उपाय घोषित किए गए हैं।
पहले जिला स्तर पर फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद आर्थिक सहायता से संबंधित अलग सरकारी आदेश जारी किया जाएगा।
यह रिपोर्ट 26 सितंबर 2026 को उपलब्ध सरकारी जानकारी और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। सूखा प्रभावित क्षेत्रों और राहत उपायों से जुड़ी जानकारी सरकारी आदेशों के अनुसार आगे अपडेट हो सकती है।


