
चीन में 16 साल का सबसे बड़ा खदान हादसा: जहरीली गैस से 82 मजदूरों की दर्दनाक मौत, PM मोदी ने जताया दुख
बीजिंग/नई दिल्ली (द इंडियन न्यूजपेपर ब्यूरो):
पड़ोसी देश चीन से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। उत्तरी चीन के शांक्सी (Shanxi) प्रांत स्थित लियूशेन्यू (Liushenyu) कोयला खदान में हुए एक भयानक गैस विस्फोट में 82 मजदूरों की मौत हो गई है। शुक्रवार, 22 मई की शाम को जब यह धमाका हुआ, तब खदान के अंदर 247 मजदूर ड्यूटी पर थे। इस हादसे ने इंडस्ट्रियल सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंकड़ों में सुधार: 90 नहीं, 82 मौतें
शुरुआत में चीनी सरकारी मीडिया ने मौतों का आंकड़ा 90 बताया था। लेकिन शनिवार देर रात स्टेट काउंसिल ने स्पष्ट किया कि शुरुआती अफरा-तफरी और खदान के अंदर खराब हालात के कारण गिनती में गलती हुई थी, जिसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 82 लोगों की मौत हुई है, 123 लोग अस्पताल में भर्ती हैं (जिनमें कुछ की हालत गंभीर है), और 2 लोग अब भी लापता हैं।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके से ठीक पहले खदान के सिस्टम ने कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide) गैस का स्तर खतरे के निशान से ऊपर होने का अलर्ट दिया था। यह एक बेहद जहरीली और बिना गंध वाली गैस होती है।
अस्पताल में भर्ती एक घायल मजदूर, वांग योंग ने खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया, "मुझे पटाखों जैसी सल्फर की तेज गंध आई और फिर धुआं छा गया। मैंने लोगों से भागने को कहा, लेकिन देखते ही देखते लोग धुएं में दम घुटने से बेहोश होने लगे। मैं भी बेहोश हो गया था और करीब एक घंटे बाद होश में आने पर किसी तरह अपने साथी के साथ बाहर निकल पाया।"
शी जिनपिंग का सख्त एक्शन:
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस हादसे को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बचाव कार्य तेज करने के साथ-साथ हादसे की 'सख्त और बिना किसी रियायत' वाली जांच के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने के आरोप में खदान की मैनेजमेंट टीम के कई अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। आपको बता दें कि इस खदान को चीनी प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के लिहाज से 'अत्यधिक खतरनाक' श्रेणी में रखा हुआ था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई गहरी संवेदना:
इस भयानक त्रासदी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने 'X' पर एक भावुक पोस्ट में लिखा, "चीन के शांक्सी प्रांत में हुई खनन दुर्घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। भारत के लोगों की तरफ से, मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम प्रार्थना करते हैं कि लापता लोग जल्द से जल्द सुरक्षित मिल जाएं और पीड़ित परिवारों को यह मुश्किल समय सहने की शक्ति मिले।"


