
कानपुर बाढ़ कैंप में एक्सपायरी सिरप बांटने का आरोप, CMO ने किया खंडन
नमस्कार दोस्तों,
उत्तर प्रदेश के कानपुर के बर्रा मायापुरम इलाके में बाढ़ राहत कैंप के दौरान कथित तौर पर एक्सपायरी सिरप बांटे जाने का मामला सामने आया था। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि सिरप पीने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, जांच के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने इन आरोपों को तथ्यहीन बताया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच दवाएं बांटी थीं। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि दिए गए सिरप की एक्सपायरी जुलाई 2026 में ही समाप्त हो चुकी थी। सिरप लेने के बाद कुछ बच्चों को उल्टी और तबीयत खराब होने की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें निजी डॉक्टरों के पास ले जाया गया।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच की। CMO के अनुसार, 2 सितंबर के बाढ़ राहत कैंप में ट्राइमेथोप्रिम एंड सल्फामेथॉक्साज़ोल IP सिरप का वितरण नहीं हुआ था। विभागीय स्टॉक रजिस्टर में भी इस सिरप के वितरण की कोई एंट्री नहीं मिली।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संबंधित सिरप साल 2025 में ड्रग वेयरहाउस में आया था और मार्च 2025 तक इसे CHC और PHC को वितरित किया जा चुका था। जांच में किसी भी संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर उस बैच की दवा उपलब्ध नहीं मिली।
एक तरफ स्थानीय परिवारों ने सिरप लेने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने का दावा किया है, वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिस सिरप की बात की जा रही है, उसका बाढ़ राहत कैंप में वितरण रिकॉर्ड से साबित नहीं होता। ऐसे में मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर सामने आया है।
मामला कानपुर के बर्रा मायापुरम इलाके का है।
बाढ़ राहत कैंप में एक्सपायरी सिरप बांटने का आरोप लगा।
कुछ परिवारों ने बच्चों की तबीयत बिगड़ने का दावा किया।
संबंधित सिरप की एक्सपायरी जुलाई 2026 बताई गई।
CMO ने जांच के बाद आरोपों को तथ्यहीन बताया।
राहत कैंप के स्टॉक रजिस्टर में सिरप की एंट्री नहीं मिली।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि संबंधित बैच की दवा स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपलब्ध नहीं थी।
जवाब: मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर के बर्रा मायापुरम इलाके का है।
जवाब: कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि बाढ़ राहत के दौरान उन्हें एक्सपायरी सिरप दिया गया, जिसे लेने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत खराब हुई।
जवाब: CMO ने जांच के बाद कहा कि संबंधित सिरप का 2 सितंबर के बाढ़ राहत कैंप में वितरण नहीं हुआ था और आरोप विभागीय रिकॉर्ड से पुष्ट नहीं होते।
जवाब: हां, स्वास्थ्य विभाग ने स्टॉक और राहत कैंप के रिकॉर्ड की जांच की है। विभाग के अनुसार, संबंधित सिरप की कैंप में वितरण की कोई एंट्री नहीं मिली।
⚠︎ Disclaimer:
यह खबर स्थानीय परिवारों के आरोपों और स्वास्थ्य विभाग की जांच/स्पष्टीकरण पर आधारित है। एक्सपायरी दवा बांटे जाने का आरोप स्वास्थ्य विभाग ने खारिज किया है। बच्चों की तबीयत खराब होने और उसके कारणों के संबंध में स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि उपलब्ध होने पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।


